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Indian Organ Donation Day: मौत के बाद भी बचा सकते हैं कई जिंदगियां, जानिए कौन-कौन से अंग किए जा सकते हैं डोनेट और क्या कहते हैं नियम

Indian Organ Donation Day: अंगदान में 8 अंग शामिल हैं जिन्हें दान किया जाता है. मृत व्यक्ति का किडनी, लीवर, फेफड़ा, ह्रदय, पैंक्रियाज और आंत दान में दिया जा सकता है.

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Organ Donation Organ Donation
हाइलाइट्स
  • भारतीय अंगदान दिवस हर साल 3 अगस्त को मनाया जाता है

  • कौन-कौन से अंग किए जा सकते हैं डोनेट?

भारतीय अंगदान दिवस प्रतिवर्ष 3 अगस्त को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को अंगदान के प्रति जागरुक करना और प्रेरित करना है. अंगदान दिवस दुनिया भर में अंग दान के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और लोगों को इसके प्रति प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है.

कौन-कौन से अंग किए जा सकते हैं डोनेट?
अंगदान दो तरह से होता है-जीवित और मृत्यु के बाद. जीवित व्यक्ति अपनी एक किडनी, लिवर का एक हिस्सा और कुछ विशेष परिस्थितियों में अग्न्याशय (Pancreas) का हिस्सा दान कर सकता है. वहीं ब्रेन स्टेम डेथ घोषित होने के बाद हृदय, दोनों किडनी, लिवर, फेफड़े, अग्न्याशय और आंत जैसे जीवनरक्षक अंग दान किए जा सकते हैं. इसके अलावा कॉर्निया (आंख), त्वचा, हड्डियां, हार्ट वॉल्व और रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) जैसे ऊतक (Tissues) भी दान किए जा सकते हैं.

अंगदान से जुड़े जरूरी नियम
भारत में अंगदान और प्रत्यारोपण Transplantation of Human Organs and Tissues Act (THOTA), 1994 के तहत नियंत्रित होता है. किसी भी मृत व्यक्ति के अंग तभी निकाले जा सकते हैं, जब कानूनी प्रक्रिया पूरी हो और परिवार की सहमति प्राप्त हो. ब्रेन स्टेम डेथ को भारतीय कानून में मृत्यु माना गया है, जिसके बाद अंगदान संभव होता है. जीवित अंगदान में आमतौर पर निकट संबंधियों (माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, संतान) को प्राथमिकता दी जाती है. विशेष मामलों में अधिकृत समिति की अनुमति के बाद अन्य व्यक्ति भी अंगदान कर सकते हैं.

कौन करता है पूरी प्रक्रिया की निगरानी?
देश में अंगदान और प्रत्यारोपण व्यवस्था की सर्वोच्च संस्था National Organ and Tissue Transplant Organization (NOTTO) है. यह संस्था अंगों के आवंटन, वेटिंग लिस्ट, जागरूकता अभियान और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय का काम करती है. राज्यों में SOTTO और क्षेत्रीय स्तर पर ROTTO इसके साथ मिलकर कार्य करते हैं.

क्यों जरूरी है अंगदान?
भारत दुनिया में सबसे अधिक अंग प्रत्यारोपण करने वाले देशों में शामिल है, लेकिन जरूरत के मुकाबले उपलब्ध अंगों की संख्या अभी भी बहुत कम है. हजारों मरीज हर साल समय पर अंग नहीं मिलने के कारण जान गंवा देते हैं. ऐसे में एक मृतक दाता कई लोगों को नया जीवन दे सकता है.