Headache Relief
Headache Relief
क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सिरदर्द होने पर दवाई छोड़कर बाम उठा लेते हैं? यकीनन आपकी तरह ज्यादातर घरों में सिरदर्द का पहला इलाज होता है बाम. कनपटी, माथे या छाती पर बाम लगाते ही ठंडक महसूस होती है और कुछ देर के लिए राहत भी मिल जाती है. लेकिन सवाल यह है कि क्या हर वक्त बाम लगाना ठीक है. चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
बाम में होता क्या है?
अधिकांश बाम में मेंटॉल, कपूर, नीलगिरी का तेल, पुदीने का तेल और मिथाइल सैलिसिलेट जैसे तत्व होते हैं. ये सभी ऐसे तत्व हैं जो त्वचा पर लगते ही ठंडक या गर्माहट पैदा करते हैं. इससे नसों को अस्थायी रूप से आराम मिलता है और दर्द या जकड़न कुछ समय के लिए कम महसूस होती है.
सिरदर्द में बाम कितना असरदार?
हल्के सिरदर्द, थकान या तनाव से जुड़े दर्द में बाम लगाने से राहत मिल सकती है. कनपटी या माथे पर लगाने से वहां की नसों में ठंडक पहुंचती है, जिससे दिमाग को दर्द का अहसास कम होता है. हालांकि डॉक्टर साफ कहते हैं कि माइग्रेन, हाई बीपी या लंबे समय से बने सिरदर्द में बाम इलाज नहीं है. ऐसे मामलों में बाम सिर्फ लक्षण छुपाता है, बीमारी ठीक नहीं करता.
सर्दी-जुकाम और नाक बंद होने में बाम
सर्दी-जुकाम में छाती, गले या नाक के पास बाम लगाने से सांस लेने में कुछ आसानी महसूस होती है. इसका कारण यह है कि बाम की तेज खुशबू नाक की नसों को उत्तेजित करती है, जिससे बंद नाक कुछ देर के लिए खुली-सी लगती है.
बाम लगाने के फायदे
तुरंत ठंडक या गर्माहट से आराम
हल्के सिरदर्द और जकड़न में राहत
नाक बंद होने पर सांस लेने में आराम
बिना दवा खाए आराम
ज्यादा बाम लगाने से क्या नुकसान?
यहीं पर सबसे बड़ी गलती होती है. लोग बार-बार और ज्यादा मात्रा में बाम लगाने लगते हैं, जो नुकसानदेह हो सकता है. इससे त्वचा में जलन या एलर्जी हो सकती है. आंखों के पास लगाने से जलन और आंखों में पानी आने की समस्या बढ़ सकती है. ज्यादा कपूर और मेंटॉल से सिरदर्द बढ़ भी सकता है. कटे-फटे या जली त्वचा पर लगाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार 5 साल से कम उम्र के बच्चों पर बिना डॉक्टर की सलाह बाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
कैसे लगाएं बाम, ताकि नुकसान न हो?
दिन में 1-2 बार से ज्यादा न लगाएं
आंख, नाक के अंदर या मुंह के पास न लगाएं.
जलन या एलर्जी हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद करें.
लंबे समय तक दर्द बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लें.
कब बाम नहीं लगाना चाहिए?
तेज या बार-बार होने वाला सिरदर्द
तेज बुखार के साथ सर्दी
सांस फूलना या सीने में दर्द
गर्भावस्था में बिना सलाह
बाम या दवाई क्या है बेहतर?
हल्के से मध्यम सिरदर्द में बाम एक अच्छा विकल्प माना जाता है, क्योंकि यह बाहर से लगाया जाता है, जल्दी असर करता है और आमतौर पर इसके कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होते. तनाव, थकान या सर्दी-जुकाम के कारण होने वाले सिरदर्द में बाम से आराम मिल सकता है. वहीं, अगर सिरदर्द तेज़ हो, लंबे समय तक बना रहे या बार-बार होने लगे, तो दवाई ज़्यादा प्रभावी होती है क्योंकि वह दर्द के कारण पर अंदर से असर करती है.