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60 मिनट तक चला 7 साल के मासूम का ऑपरेशन, आंख में चला गया था खजूर का कांटा

उत्तर प्रदेश के झांसी में एक 7 साल के बच्चे की आंख में लकड़ी का टुकड़ा घुस गया. टुकड़ा आंख की पुतली के आरपार हो गई थी. डॉक्टरों ने की टीम ने एक घंटे तक ऑपरेशन किया. डॉक्टरों ने लकड़ी का टुकड़ा निकाल दिया है, अब बच्चा पूरी तरह से सेफ है.

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यूपी के झांसी से हैरान करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां खेलते समय एक 7 साल के मासूम की आंख की पुतली में खजूर का कांटा घुस गया. जिसे झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर बाहर निकाल लिया और उसकी आंख बचा ली.

आंख की पुतली के आरपार चला गया कांटा-
झांसी जनपद के टोड़ीफतेहपुर थानान्तर्गत ग्राम सिजवां में रहने वाले पकंज कुशवाहा का 7 साल मासूम बेटा देव कुशवाहा उर्फ भूरे शनिवार को गांव में अपने घर के बाड़े में खेल रहा था. दादा और परिजनों के अनुसार खेलते समय वह ट्रैक्टर बना रहा था. इसी दौरान लकड़ी तोड़ते समय खजूर का कांटा उसकी आंख की पुतली में जा घुसा और आर-पार हो गया. यह देख परिजन घबरा गए. आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए टोड़ीफतेहपुर और मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में नेत्र विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर जितेन्द्र कमार ने उसकी जांच की.

डॉक्टरों ने निकाला कांटा- दादा
बच्चे के दादा दिसई ने बताया कि हमारा नाती बाड़े में खेल रहा था. खेलते समय ट्रैक्टर बनाने के लिए लकड़ी तोड रहा था, उसी दौरान टूटकर इसके आंख में चली गई. इसे टोड़ीफतेहपुर और मऊरानीपुर ले गए थे, वहां मना करने पर मेडिकल कालेज ले आए, जहां ऑपरेशन हो गया है. ऑपरेशन कर कांटा निकाल दिया गया है.

एक घंटे तक चला ऑपरेशन-
प्रोफेसर डॉक्टर जितेन्द्र ने परीक्षण करने के बाद बंद हो चुकी ओटी को पुनः खुलवाया. इसके बाद टीम को बुलाकर ऑपरेशन शुरू किया. डॉक्टर जितेन्द्र, सह आचार्य डॉक्टर सुरभि गुप्ता और सहायक आचार्य यशस्वी गोयंका ने दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर करीब एक घंटे चले ऑपरेशन किया. इसके बाद आंख की पुतली में घुसे कांटे को बाहर निकाला गया.

डॉक्टर का कहना है कि एक दिन की भी देरी हो जाती तो आंख खराब हो सकती थी. ऑपरेशन के बाद अब आंख सुरक्षित है. लेकिन काली पुतली, कॉर्निया और डैमेज हो गया है और मोतिया बिंद भी हो गया. आगे कुछ दिक्कत आयेगी, लेकिन आंख बच गई.

डॉ. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि शनिवार को एक बच्चा आया था. जिसे देखने पर पता चला था कि उसकी आंख में लकड़ी घुसी है. यह लकड़ी खेलते समय उसकी आंख में घुस गई थी और आर-पार हो गई थी. जब बच्चा आया था, उस समय ओटी बंद हो चुका था. इसके बाद भी हमने मामले को गम्भीरता से लिया और बच्चे की आंख का ऑपरेशन किया.

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