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अरे बाप रे! 3 महीनों में 27 किलो वजन घटाया, ChatGPT को बना फिटनेस कोच... जान लें फिटनेस का राज

एक टेक प्रोफेशनल, हसन, ने इस धारणा को बदलने का दावा किया है. उनका कहना है कि उन्होंने केवल 3 महीनों में 27 किलो वजन कम किया. लेकिन हैरानी की बात है कि इस सफर में उन्होंने ChatGPT को अपना पर्सनल फिटनेस गाइड बनाया. 

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आज के समय में वजन कम करना कई लोगों के लिए एक मुश्किल चुनौती बन गया है. इंटरनेट पर मौजूद ढेरों डाइट प्लान, फिटनेस ऐप्स और जिम रूटीन अक्सर लोगों को भ्रमित कर देते हैं. ऐसे में कई लोग शुरुआत करने से पहले ही हार मान लेते हैं. लेकिन एक टेक प्रोफेशनल, हसन, ने इस धारणा को बदलने का दावा किया है. उनका कहना है कि उन्होंने केवल 3 महीनों में 27 किलो वजन कम किया. लेकिन हैरानी की बात है कि इस सफर में उन्होंने ChatGPT को अपना पर्सनल फिटनेस गाइड बनाया. 

हसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पूरी जर्नी शेयर करते हुए बताया कि यह कोई शॉर्टकट नहीं था, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम का परिणाम था. उन्होंने लिखा, 'न जिम, न महंगे ऐप्स, न कोई झंझट- सिर्फ स्पष्टता और निरंतरता.' उनके अनुसार, उन्होंने ChatGPT को मोटिवेशन का स्रोत नहीं, बल्कि एक स्ट्रक्चर बनाने वाले टूल की तरह इस्तेमाल किया.

शुरुआत: बॉडी एनालिसिस 
हसन ने सबसे पहले अपनी वर्तमान स्थिति को समझा और एक स्पष्ट लक्ष्य तय किया. उन्होंने अपने वजन, हाइट, उम्र और लक्ष्य के आधार पर ChatGPT से 12 हफ्तों का फिटनेस और न्यूट्रिशन प्लान तैयार कराया. 

वीकली मील प्लानिंग
उन्होंने हर सप्ताह के लिए 1800 कैलोरी वाला मील प्लान बनाया, जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और प्रोसेस्ड कार्ब्स कम थे. आसान और किफायती खाने की चीजों ने इस प्लान को लंबे समय तक अपनाने में मदद की. इससे रोज क्या खाना है, इस सोच में समय बर्बाद नहीं हुआ.

घर पर छोटे-छोटे वर्कआउट
जिम जाने के बजाय हसन ने घर पर ही 25 से 35 मिनट के छोटे वर्कआउट किए. ये वर्कआउट सप्ताह में 4 दिन के थे और धीरे-धीरे कठिन होते गए. कम समय में होने वाले ये एक्सरसाइज उनके व्यस्त लाइफस्टाइल में आसानी से फिट हो गए.

क्रेविंग्स और इमोशनल ईटिंग पर काबू
मीठा खाने की इच्छा और बिंज ईटिंग को कंट्रोल करने के लिए उन्होंने लो-कैलोरी स्नैक्स और मानसिक अभ्यास का सहारा लिया. एक छोटा सा सेल्फ-टॉक स्क्रिप्ट उन्हें गलत खाने से पहले रुकने और सोचने में मदद करता था.

डेली हैबिट ट्रैकिंग
हसन ने हर दिन अपनी आदतों को ट्रैक करना शुरू किया. जैसे- क्या उन्होंने वर्कआउट किया, सही डाइट ली, और पर्याप्त नींद ली या नहीं. इससे उन्हें अपनी प्रगति का सही अंदाजा मिलता रहा.

माइंडसेट और मोटिवेशन पर फोकस
हर सुबह वे एक छोटा जर्नल लिखते थे, जिसमें अपने लक्ष्य, आज का एक जरूरी काम, कृतज्ञता और एक फिटनेस अफर्मेशन शामिल होता था. इससे उनका दिन सकारात्मक तरीके से शुरू होता था.

हर हफ्ते रिव्यू और सुधार
हर रविवार वे अपने वजन, कमर के माप और अनुशासन को आंकते थे. इसके आधार पर अगले सप्ताह के लिए अपने प्लान में छोटे-छोटे बदलाव करते थे.

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए खुद को कैसे प्रेरित रखा, तो हसन ने कहा, 'मैंने छोटी-छोटी जीतों पर ध्यान दिया और खुद को याद दिलाता रहा कि मैंने शुरुआत क्यों की थी.'

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