Snoring Remedies
Snoring Remedies
सोते समय कई लोग खर्राटे लेते हैं. खर्राटा लेने वाले को तो इसका अभास नहीं होता है लेकिन ऐसे व्यक्ति के आसपास सोने वालों को खर्राटों की तेज आवाज से काफी परेशानी होती है. तेज खर्राटे कभी-कभी किसी गंभीर बीमारी के संकेत होते हैं. यदि आपको या आपके जानने वाले किसी और को सोते समय खर्राटा लेने की समस्या (Snoring Problem) है तो हम इससे छुटकारा पाने के कुछ आसान उपाय बता रहे हैं. आप बिना दवा के इन उपायों को आजमाकर खर्राटों की समस्या से निजात पा सकते हैं. आपको मालूम हो कि ठंड के मौसम में खर्राटा लेने की समस्या बढ़ जाती है.
क्यों आते हैं खर्राटे
खर्राटे आने के कई कारण होते हैं. मोटापा, नाक बंद होना, साइनस की समस्या, बढ़े हुए टॉन्सिल, नाक की हड्डी टेढ़ी या नाक में पॉलिप, नींद की दवा, शराब का सेवन आदि खर्राटे आने के कारण हो सकते हैं. ठंड के मौसम में खर्राटे की समस्या बढ़ जाती है क्योंकि इस मौसम में हवा ज्यादा ड्राई होती है. इससे नाक और गले में कंजेशन बढ़ जाता है.
खर्राटे को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह हमारी सेहत से जुड़ा एक अहम संकेत है. खर्राटे तब आते हैं जब नींद के दौरान सांस लेते समय हवा गले से गुजरती है और वहां मौजूद ढीले टिश्यू कंपन करने लगते हैं. यही कंपन तेज और खुरदुरी आवाज पैदा करता है. कुछ व्यक्तियों के गर्दन के अंदर मौजूद मांसपेशियों और टिश्यू का आकार और बनावट ऐसी होती है कि उन्हें अधिक खर्राटे आते हैं. नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक खर्राटे लेते हैं. अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के अनुसार पूरी दुनिया में लगभग 40 प्रतिशत पुरुष और 24 प्रतिशत महिलाएं खर्राटे लेती हैं.
खर्राटे रोकने के लिए क्या करें
1. करवट लेकर सोएं
खर्राटे को रोकना है तो करवट लेकर सोएं. पीठ के बल सोने पर जीभ और तालू वायुमार्ग को संकुचित करते हैं. इसकी वजह से नींद के दौरान कंपन की आवाज पैदा होती है. बाईं या दाईं करवट लेकर सोने से हवा का रास्ता खुला रहता है. इससे खर्राटे नहीं आते हैं.
2. नींद पूरी लें
खर्राटों की समस्या से छुटकारा पाना है तो आपको नींद पूरी लेनी होगी. नींद कम लेने से गले की मांसपेशियां ज्यादा ढीली हो जाती हैं. इससे खर्राटे अधिक आते हैं. ऐसे में हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें.
3. तकिया बदलें
कई बार तकिया में मौजूद डस्ट माइट्स एलर्जी बढ़ाकर नाक बंद कर देते हैं. इससे खर्राटे आते हैं. ऐसे में हर दो सप्ताह में एक बार अपने तकिए को खुली हवा में रखें और हर छह महीने में अपना तकिया बदलें. खर्राटे से छुटकारा पाने के लिए सोते समय तकिया जरूर लगाएं. सिर के ऊंचा रखने से सांस की नली खुली रहती है.
4. शराब और धूम्रपान का सेवन न करें
शराब गले की मांसपेशियों को ढीला कर देती है. खर्राटे से छुटकारा पाना चाह रहे हैं तो सोने से कम से कम तीन-चार घंटे पहले शराब का सेवन न करें. स्मोकिंग से गले और नाक में सूजन होती है. इससे भी खर्राटे आते हैं. ऐसे में धूम्रपान छोड़ दें.
5. वजन को बढ़ने न दें
शरीर का वजन बढ़ने से भी खर्राटे अधिक आते हैं. हालांकि सभी लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता है क्योंकि कुछ पतले लोग भी खर्राटे लेते हैं. गर्दन के पास ज्यादा फैट जमा होने से सांस की नली संकरी हो सकती है. इसके कारण मोटे लोगों को खर्राटे अधिक आते हैं.
6. सोने की आदत सही करें
समय पर नहीं सोने से भी खर्राटे आते हैं. देर तक जागने के बाद जब आप सोते हैं तो शरीर काफी थक जाता है और नींद बहुत गहरी आती है. इस अवस्था में मांसपेशियां संकुचित होती हैं और खर्राटे आने लगते हैं.
7. मुंह ढककर न सोएं
मुंह या चेहरा ढककर नहीं सोना चाहिए क्योंकि चेहरा ढकने से नाक के रास्ते हवा का फ्लो बाधित होता है. इससे खर्राटे अधित आते हैं.
8. नमक के पानी से नाक को धोएं
कई बार सर्दी या किसी कारणवश नाक बंद होने पर खर्राटे अधिक आने लगते हैं. सोने से पहले गर्म पानी से नहाने से नाक के छिद्र खुल जाते हैं. नमक के पानी से नाक धोने से भी खर्राटों में मदद मिलती है.
9. हाइड्रेटेड रहें
कम पानी पीने से भी खर्राटे आ सकते हैं. पर्याप्त पानी पीने से नाक और गला हाइड्रेटेड रहते हैं और सांस लेने में आसानी होती है. इससे खर्राटे नहीं आते हैं.
10. नींद की गोलियां न लें
नींद की गोलियां खाने से भी खर्राटे अधिक आते हैं. ऐसे में इस दवा के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. नाक की एलर्जी से सांस लेने में दिक्कत होती है, जिससे मुंह से सांस लेनी पड़ती है. इससे भी खर्राटे बढ़ जाते हैं.