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बच्चों में फैल रहा है ये नए तरीके का बुखार, जानिए Tomato Fever के लक्षण और बचाव के उपाय

ये बुखार केवल छोटे बच्चों में ही देखने को मिल रहा है. इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है. केरल के कोल्लम जिले में इस फ्लू के मामले सामने आए हैं. ये फ्लू उन बच्चों को हो रहा है जिनकी उम्र 5 साल से कम है.

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Tomato fever Tomato fever
हाइलाइट्स
  • स्वास्थ्य विभाग चला रहा है जागरूकता अभियान 

  • घर में रखें साफ़ सफाई

कोरोना वायरस संक्रमण अभी खत्म भी नहीं हुआ है कि एक नई बीमारी ने दस्तक दे दी है. टोमेटो फ्लू नाम की इस बीमारी के कुछ भारत में आने शुरू हो गए हैं. केरल के कोल्लम जिले में इस फ्लू के मामले सामने आए हैं. ये फ्लू उन बच्चों को हो रहा है जिनकी उम्र 5 साल से कम है. हालांकि, इस बुखार के होने के क्या कारण हैं इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. 

किन बातों का रखें ख्याल?

1. एक दूसरे से दूरी बनाए रखें- दरअसल, टोमेटो फ्लू बीमारी के संक्रमित बिमारी है, ये छूने से फैलती है. इसलिए अगर आपके आसपास कोई इस बीमारी से पीड़ित है तो उससे दूरी बनाकर रखें और खासकर बच्चों को मरीज के करीब न आने दें. यह गलती आपके बच्चे को भारी पड़ सकती है.

2. घर में रखें साफ़ सफाई- अपने घर के अंदर और आसपास साफ-सफाई रखें. बच्चे के शरीर पर लाल रैशेज (Red Rashes) होने पर उस जगह न खुजाएं, उसे खुजाने से रोकें. अगर आपका बच्चा स्वस्थ है तो उसे उनके पास न जाने दें जिन्हें ये फ्लू हो चुका है. इसके अलावा उनका सामान भी  इस्तेमाल न करने दें. गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन न होने दें, इसके लिए बच्चों को लगातार पानी पिलाते रहें. 

3. तुरंत डॉक्टर की सलाह लें-  अगर बच्चे को टोमेटो फीवर के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले जाएं. इसमें कोताही न बरतें.  अगर बच्चे की स्किन पर लाल रैशेज, स्किन में जलन, जोड़ों में दर्द, नाक बहना, तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी, खांसी, शरीर में दर्द, छींक आना, दस्त और थकान जैसे नजर आ रहे हैं तो इसके लिए घरेलू नुस्खे या अपना कोई घरेलू उपाय न करें. उसे सीधे डॉक्टर के पास ले जाएं.  

स्वास्थ्य विभाग चला रहा है जागरूकता अभियान 

आपको बता दें, टोमेटो फ्लू होने के पीछे कई विशेषज्ञ डेंगू या चिकनगुनिया बता रहे हैं. हालांकि, ये बुखार केवल छोटे बच्चों में ही देखने को मिल रहा है. इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस बीमारी के देश के दूसरे हिस्सों में भी फैलने के आसार का जिक्र किया है.