Heart Transplant (Photo:ITG)
Heart Transplant (Photo:ITG)
उत्तर प्रदेश के संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) ने राज्य का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करके चिकित्सा जगत में मील का पत्थर स्थापित कर दिया है. 40 वर्षीय सीतापुर की महिला मरीज को नई जिंदगी मिली है.
दिल्ली से एयर एंबुलेंस के जरिए लाया गया दिल
यह जटिल सर्जरी लगभग 5 घंटे तक चली. ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टरों के मुताबिक, अब मरीज को ICU में निगरानी में रखा गया है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से भी हटा दिया गया है. हार्ट दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए लखनऊ लाया गया.
ब्रेनडेड व्यक्ति के परिजनों ने किया था अंगदान
ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बेहद कम समय में हार्ट को SGPGI पहुंचाया गया. दिल्ली में ब्रेन डेड घोषित किए गए व्यक्ति के परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया, जिसके बाद यह संभव हो सका. उसी डोनर के लिवर और किडनी का प्रत्यारोपण दिल्ली में ही किया गया .
डोनर की कमी थी वजह, अब तैयारी पूरी
SGPGI के निदेशक आरके धीमन ने बताया कि संस्थान में हार्ट ट्रांसप्लांट की तैयारी पहले से पूरी थी, लेकिन डोनर की कमी के कारण अब तक इसकी शुरुआत नहीं हो पाई थी. शनिवार शाम को हार्ट उपलब्ध होने की सूचना मिली और तुरंत उपयुक्त मरीज की पहचान की गई. सीतापुर की रहने वाली महिला मरीज इस ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त पाई गई, जिसके बाद रविवार सुबह सर्जरी शुरू की गई .
20 से अधिक डॉक्टरों की टीम ने किया सफल
इस जटिल सर्जरी की अगुवाई CVTS विभाग के प्रमुख एसके अग्रवाल ने की. उनके साथ एनेस्थीसिया, कार्डियोलॉजी और परफ्यूजनिस्ट की बड़ी टीम शामिल रही. टीम में प्रोफेसर शांतनु पांडे, प्रोफेसर मिलिंद होते, डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. अरीब, डॉ. सौरभ, डॉ. विवेक और डॉ. हर्ष समेत 20 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मिलकर इस ऑपरेशन को सफल बनाया .
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने SGPGI की टीम को बधाई दी है. इस सफलता के साथ उत्तर प्रदेश में अब गंभीर हृदय रोगियों के लिए नई उम्मीद जगी है.
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