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Warm rice vs cold rice: ताजे या बासी चावल, सेहत के लिए क्या होते हैं ज्यादा फायदेमंद?

Warm rice vs cold rice: अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि गरम चावल खाना ज्यादा फायदेमंद है या ठंडा चावल? पाचन, ब्लड शुगर और वजन के लिहाज से दोनों के अलग-अलग फायदे और नुकसान हैं. तो चलिए जानते हैं कि दोनों में से सेहत के लिए क्या ज्यादा बेहतर है.

ठंडा या गर्म सेहत के लिए चावल कैसे खाना चाहिए ठंडा या गर्म सेहत के लिए चावल कैसे खाना चाहिए

What Is The Right Way To Consume Rice: भारत में चावल सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है. उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक चावल अलग-अलग रूपों में हमारी थाली में शामिल होता है. कहीं सादा भात और दाल, तो कहीं इडली-डोसा और खुशबूदार बिरयानी. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि गरम चावल खाना ज्यादा फायदेमंद है या ठंडा चावल? पाचन, ब्लड शुगर और वजन के लिहाज से दोनों के अलग-अलग फायदे और नुकसान हैं. तो चलिए जानते हैं कि दोनों में से सेहत के लिए क्या ज्यादा बेहतर है.

दरअसल, चावल में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होता है, जो ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है. लेकिन चावल को पकाने और ठंडा करने की प्रक्रिया इसके स्टार्च को बदल देती है. ताजा पका चावल आसानी से पच जाता है, जबकि ठंडा किया हुआ चावल 'रेसिस्टेंट स्टार्च' बनाता है, जो फाइबर की तरह काम करता है.

गर्म चावल के फायदे
ताजा चावल स्वाद में लाजवाब होता है और पचाने में आसान. इसमें स्टार्च प्राकृतिक जेलेटिनाइज्ड रूप में होता है, जो जल्दी पचकर शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. जो लोग भारी व्यायाम करते हैं या जल्दी ग्लूकोज की जरूरत महसूस करते हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है. गर्म चावल पेट को आराम देता है और पाचन तंत्र को सहज रखता है.

गर्म चावल के नुकसान
हालांकि, गर्म चावल ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है. इसमें रेसिस्टेंट स्टार्च कम होता है, जो फाइबर की तरह काम नहीं करता. डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस या वजन घटाने की कोशिश करने वालों के लिए यह आदर्श नहीं. ज्यादा मात्रा में खाने से शुगर स्पाइक हो सकता है, जो लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है.

ठंडा चावल के फायदे
ठंडा चावल यानी पका हुआ चावल जो 8-12 घंटे या रातभर फ्रिज में रखा जाए और फिर दोबारा गर्म करके खाया जाए. ठंडक पड़ने पर चावल के कुछ कार्बोहाइड्रेट रेसिस्टेंट स्टार्च में बदल जाते हैं. यह स्टार्च धीरे-धीरे पचता है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक उछाल नहीं आता. वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि ठंडा चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो डायबिटीज कंट्रोल, वजन प्रबंधन और आंत स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है.

ठंडा चावल के नुकसान
सबसे बड़ा खतरा बैक्टीरिया से है. अगर पके चावल को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक छोड़ा जाए, तो बैसिलस सीरियस नामक बैक्टीरिया बढ़ सकता है. यह उल्टी, दस्त, पेट दर्द या फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है. लेकिन अगर चावल को पकाने के 1-2 घंटे में फ्रिज में रख दिया जाए और 24 घंटे के अंदर खा लिया जाए, तो यह जोखिम बहुत कम हो जाता है.

कौन ज्यादा बेहतर?
दोनों तरह के चावल सुरक्षित और पौष्टिक हैं, लेकिन चुनाव आपकी जरूरत पर निर्भर करता है. अगर आपको तुरंत ऊर्जा चाहिए और पाचन आसान रखना है, तो गर्म चावल चुनें. लेकिन वजन कंट्रोल, ब्लड शुगर मैनेजमेंट या आंत स्वास्थ्य के लिए ठंडा चावल ज्यादा फायदेमंद है.

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