Once-a-Week Insulin Awiqli (Photo: Unsplash@haberdoedas)
Once-a-Week Insulin Awiqli (Photo: Unsplash@haberdoedas)
डायबिटीज़ के इलाज में बड़ा बदलाव आने वाला है. अब कई मरीजों को रोज-रोज इंसुलिन का इंजेक्शन नहीं लगवाना पड़ेगा. डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने 9 जुलाई 2026 को भारत में 'अविक्ली' (Awiqli) लॉन्च किया है. यह लंबे समय तक असर करने वाला बेसल इंसुलिन है, जिसे हफ्ते में सिर्फ एक बार लेना होगा. कंपनी के मुताबिक, यह दवा अगले हफ्ते से भारतीय बाजार में उपलब्ध हो सकती है.
क्या है अविक्ली?
अविक्ली इस दवा का ब्रांड नेम है. इसका जेनेरिक नाम इंसुलिन आइकोडेक (Insulin Icodec) है. इसे वयस्कों में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए मंजूरी मिल चुकी है. यह शरीर में पूरे सप्ताह धीरे-धीरे इंसुलिन छोड़ती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है.
अविक्ली की कीमत कितनी होगी?
कंपनी ने इसकी कीमत भी ऐसी रखी है कि यह लंबे समय तक इस्तेमाल करने वालों के लिए किफायती रहे.
70 यूनिट की एक साप्ताहिक डोज: 261 रुपये
1 ml FlexTouch पेन (700 यूनिट): 2,611 रुपये
3 ml FlexTouch पेन (2,100 यूनिट): 7,833 रुपये
साल में 365 की जगह सिर्फ 52 इंजेक्शन
अभी ज्यादातर बेसल इंसुलिन का इंजेक्शन हर 24 घंटे में एक बार लेना पड़ता है. यानी एक साल में करीब 365 इंजेक्शन लगते हैं. अविक्ली के साथ यह संख्या घटकर सिर्फ 52 इंजेक्शन सालाना रह जाएगी, क्योंकि इसे हफ्ते में केवल एक बार लेना होगा.
इंसुलिन शुरू करने में होती है कई साल की देरी
नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रांत श्रोत्रिया के मुताबिक, कई मरीज इंसुलिन शुरू करने से डरते हैं. इसकी वजह इंजेक्शन का डर, दर्द और इलाज का खर्च होता है. कंपनी का कहना है कि भारत में मरीजों को जरूरत होने के बावजूद इंसुलिन शुरू करने में औसतन 7 से 9 साल की देरी हो जाती है. ऐसे में हफ्ते में एक बार लगने वाला यह इंसुलिन इलाज को आसान बना सकता है.
भारत में क्यों अहम है यह इंजेक्शन?
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां डायबिटीज़ के मरीज सबसे ज्यादा हैं. देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. 13 करोड़ से ज्यादा लोग प्री-डायबिटिक हैं. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के मुताबिक, करीब 18% महिलाओं और 21% पुरुषों का ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा है या वे डायबिटीज की दवा ले रहे हैं.
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