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Coffee vs Green Tea: आपने भी छोड़ दी कॉफी, और पी रहे हैं ग्रीन टी.. लेकिन जानते भी हैं कि आखिर क्या होता है इसमें, कैसे असर करती हैं आपके शरीर पर?

सेहत का ख्याल रखने वाले ज्यादातर लोग कॉफी से ग्रीन टी की तरफ रुख कर चुके हैं. ऐसे में सवाल आथा है कि ग्रीन टी हमारे लिए कैसे फायदेमंद होती है.

Green Tea Green Tea

कई लोग हैं जिनकी दिन की शुरुआत एक कॉफी के कप के बिना नहीं होती है. लेकिन, अगर जिंदगी में कुछ बदलाव कर लिए जाएं, तो लाइस्टाइल में काफी सुधार हो सकता है. फिटनेस का ध्यान रखने वाले कई लोग अपनी मॉर्निंग प्रेफरेंस में बदलाव कर चुके हैं. वह कॉफी की जगह ग्रीन टी के साथ अब अपनी सुबह की शुरुआत करते हैं. ऐसे में एक बड़ा सवाल उठता है कि ऐसी क्या वजह है कि लोग कॉफी से ग्रीन टी का रुख कर चुके हैं.

क्या होते हैं ग्रीन टी के इंग्रीडिएंट्स?

ग्रीन टी मेन रूप से कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से तैयार की जाती है.  इस पौधे की पत्तियों में कैटेचिन्स पाया जाता है, जो एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट होता है. साथ ही इसमें कैफीन भी होता है, लेकिन यह कॉफी की तुलना में काफी कम होता है. इसके अलावा पॉलीफेनॉल्स तत्व पाया जाता है, जो स्ट्रेस से बचाने में फायदेमंद होता है. इसके अलावा एल-थीनिन भी होता है, जो एक प्रकार का अमीनो एसिड है, जिससे फोकस बढ़ता है.

क्या होते हैं ग्रीन टी पीने के फायदे?

• ग्रीन टी हार्ट हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होती है. इससे ब्लड प्रेशर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है. ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड वेसल्स के लिए फायदेमंद होते हैं.

• ग्रीन टी वेट कंट्रोल में भी काफी फायदेमंद होती है. इसलिए यह हार्ट हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होता है. जब इंसान का वेट कंट्रोल में रहता है तो हार्ट का ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है.  साथ ही ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ब्लड वेसल्स के लिए फायदेमंद होता ही है.

• ग्रीन टी में मौजूद तत्व और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करती है. जब आपका मेटाबॉलिज्म हाई होता है, तो शरीर वेट कंट्रोल भी अच्छी तरह से करता है. ऐसी स्थिति में आपके शरीर पर मोटापा नहीं आता.

• ग्रीन टी शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है. जब शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, तो मसल्स तक ज्यादा ब्लड पहुंचता है, जिसका नतीजा होता है कि वह ज्यादा मजबूत होती है.

• ग्रीन टी के सेवन से LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) का लेवल भी कम होता है. जिसका डायरेक्ट फायदा हार्ट को मिलता है. इससे हार्ट की हेल्थ एज बढ़ती है और हार्ट लंबे समय तक अच्छी तरह काम करता है.