Disadvantages of Curd
Disadvantages of Curd
गर्मियों के मौसम में लोग शरीर को ठंडक पहुंचानी वाली चीज़ें खाना ज्यादा पसंद करते हैं. यही वजह है कि इस मौसम में दही, छाछ, रायता और लस्सी जैसी चीज़ों की डिमांड काफी बढ़ जाती है. ये चीज़ें कई लोगों की डाइट का भी हिस्सा बन जाती हैं. दही खासतौर पर सेहत के लिए हेल्दी माना जाता है. इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स काफी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो डाइजेशन सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं.
पर हमें एक चीज़ याद रखनी चाहिए कि हर चीज़ को लिमिटिड क्वांटिटी में ही खाना चाहिए. क्योंकि जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कई बार फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है. ऐसा ही दही के साथ होता है. अगर आप दही को जरूरत से ज्यादा खाते हैं तो आपको कुछ नुकसान उठाने पड़ सकते हैं. चलिए बताते हैं उन कुछ नुकसान के बारे में जो हो सकता है आपको उठाने पड़ें.
कब्ज की समस्या
दही वैसे को डाइजेशन के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका उल्टा असर भी देखने को मिल सकता है. दही की तासीर ठंडी होती है, जिससे कुछ मामलों में डाइजेशन प्रोसेस स्लो हो जाती है. इसी वजह से जिन लोगों को पहले से कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें दही थोड़ा कम खाना चाहिए नहीं को यह परेशानी और बढ़ सकती है.
बढ़ सकता है वज़न भी
अगर आप वेट लॉस करने की कोशिश कर रहे हैं, तो दही को ज्यादा मात्रा में खाने से आप गोल आपसे दूर हो सकता है. बेशक दही में काफी न्यूट्रीशन होता है, लेकिन कैलोरी भी इसमें कम नहीं होती. इसी वजह से ज्यादा खाने पर आप ज्यादा कैलोरी इनटेक करते हैं. जो वजन बढ़ाने में एक बड़ा फैक्टर होता है.
पेट से जुड़ी परेशानियों का कारण
कुछ लोग जब ज्यादा दही खाते हैं, तो उन्हें एसिडिटी और ब्लोटिंग की परेशानी हो सकती है. दरअसल दही में लैक्टिक एसिड मौजूद होता है. जो कुछ लोगों में पेट में गैस और जलन पैदा कर सकता है. जिससे वह काफी अनकंफर्टेबल हो जाते है. असल में यह लोग लैक्टोस इनटोलरेंट होते हैं.