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जवान दिखने के लिए लोग लगवा रहे पेप्टाइड्स इंजेक्शन...क्या इससे इंसान फिर से यंग हो सकता है?

ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री में पेप्टाइड्स को एंटी-एजिंग मैजिक के तौर पर पेश किया जा रहा है. ऑनलाइन कई पेप्टाइड्स बेचे जा रहे हैं. दावा किया जाता है कि ये कोलेजन बढ़ाते हैं, स्किन को रिपेयर करते हैं, झुर्रियां कम करते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं.

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हाइलाइट्स
  • इंजेक्शन वाले एंटी-एजिंग पेप्टाइड्स का बढ़ता ट्रेंड

  • क्या ये फिर से जवान बना सकता है

आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ब्यूटी ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स. इन्हें स्किन को जवान बनाने, झुर्रियां कम करने और सेलुलर रीजुवेनेशन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. लेकिन सवाल यह है कि क्या ये सच में आपकी स्किन के लिए सुरक्षित हैं.

क्या होते हैं पेप्टाइड्स? आसान भाषा में समझें
पेप्टाइड्स दरअसल छोटे-छोटे अमीनो एसिड के चेन होते हैं, जो शरीर में कई जरूरी काम करते हैं. ये स्किन रिपेयर, सूजन कम करने और शरीर के अलग-अलग फंक्शन्स को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. हमारा शरीर खुद भी पेप्टाइड्स बनाता है, लेकिन अब लैब में बने सिंथेटिक पेप्टाइड्स को इंजेक्शन के जरिए शरीर में डाला जा रहा है, ताकि इनके असर को बढ़ाया जा सके.

क्यों बन रहा है ये इतना पॉपुलर?
ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री में पेप्टाइड्स को एंटी-एजिंग मैजिक के तौर पर पेश किया जा रहा है. ऑनलाइन कई पेप्टाइड्स बेचे जा रहे हैं. दावा किया जाता है कि ये कोलेजन बढ़ाते हैं, स्किन को रिपेयर करते हैं, झुर्रियां कम करते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं. इसी वजह से लोग बिना ज्यादा सोच-विचार के इन्हें ट्राई कर रहे हैं. सेलिब्रिटीज भी इन्हें जमकर प्रमोट कर रहे हैं.

क्या ये कानूनी हैं? जानिए नियम
ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ज्यादातर इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की श्रेणी में आते हैं. यानी इन्हें सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए. कुछ पेप्टाइड्स को तो Schedule 4 कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि ये बिना मेडिकल अनुमति के इस्तेमाल नहीं किए जा सकते. फिर भी ऑनलाइन इन्हें research chemical यानी रिसर्च के लिए बताकर बेचा जा रहा है, जबकि असल में इन्हें इंसानों के इस्तेमाल के लिए ही डिजाइन किया जाता है.

हाल ही में अमेरिका में एक मामला सामने आया, जहां एंटी-एजिंग इवेंट में पेप्टाइड इंजेक्शन लेने के बाद दो महिलाएं गंभीर रूप से बीमार हो गईं. डॉक्टर यह तक नहीं पता लगा सके कि इंजेक्शन में क्या था.

बढ़ता इंजेक्शन कल्चर भी वजह
आजकल ब्यूटी इंडस्ट्री में इंजेक्शन का चलन तेजी से बढ़ा है जैसे बोटॉक्स और फिलर्स. इसी वजह से लोग अब नए और एक्सपेरिमेंटल इंजेक्शन, जैसे पेप्टाइड्स, लेने में भी हिचकिचा नहीं रहे. यह ट्रेंड खतरनाक हो सकता है, क्योंकि कई जगहों पर इनका इस्तेमाल बिना सही मेडिकल निगरानी के किया जा रहा है.

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