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अक्सर लोग दफ्तर से वर्क फ्रॉर्म होम ले लेते हैं. वह सोचते हैं कि ऐसा करने से आने-जाने का समय बच जाएगा, साथ ही ज्यादा काम कर सकेंगे. इसके अलावा घर से काम करना आसान और आरामदायक भी लगता है. लेकिन लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है. गलत तरीके से बैठने पर गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द हो सकता है. लंबे समय तक कम एक्टिव रहने से वजन बढ़ने का खतरा भी रहता है. इसलिए घर से काम करते समय कुछ चीज़ों पर गौर करने की जरूरत है.
छोड़ दें बेड या सोफे पर बैठ काम करना
वर्क फ्रॉम होम में बिस्तर या सोफे पर बैठकर काम करना शुरू में आरामदायक लगता है. लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से शरीर का पोस्चर खराब हो सकता है. गर्दन, कंधे और कमर पर दबाव बढ़ सकता है. इसलिए काम के लिए एक सही कुर्सी और टेबल का इस्तेमाल करें. कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन भी ऐसी ऊंचाई पर रखें, जिससे आपको लगातार गर्दन झुकानी न पड़े.
सुबह के रूटीन में करें बदलाव
घर से काम करने का मतलब यह नहीं है कि सुबह देर तक सोते रहें. बल्कि एक सेट टाइम पर उठें. सुबह कुछ देर हल्की स्ट्रेचिंग करें. थोड़ी देर टहलना, साइकिल चलाना या ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना भी अच्छा ऑप्शन है. इससे शरीर एक्टिव रहता है और काम के दौरान सुस्ती कम महसूस हो सकती है.
WFH के लिए बनाएं अलग स्पेस
काम करने के लिए घर में एक सेट जगह बनाएं. इससे काम और आराम के बीच गैप बनाए रखने में मदद मिलती है. लंबे समय तक लगातार काम करने से मसल्स में जकड़न और आंखों में थकान हो सकती है. इसलिए काम के बीच छोटे ब्रेक लेना जरूरी है.
खाने का तरीका और टाइम बनाए रखें
वर्क फ्रॉम होम में रसोई पास होने के चलते बार-बार कुछ खाने की आदत लग सकती है. इससे जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने की संभावना बढ़ जाती है. तला-भुना और बहुत ज्यादा मसालेदार खाना कम लें. भोजन में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और जरूरी न्यूट्रिशन वाली चीजें शामिल करें. खाना समय पर खाने की कोशिश करें.
लेते रहे बीच-बीच में थोड़ा ब्रेक
काम में बिजी होकर कई लोग पानी पीना भूल जाते हैं. अपनी डेस्क पर पानी की बोतल रखें और दिनभर जरूरत के हिसाब से पानी पीते रहें. इसके अलावा कुछ समय के गैप पर कुर्सी से उठें, थोड़ा चलें और शरीर को हल्का स्ट्रेच करें. इससे लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली जकड़न कम करने में मदद मिल सकती है.