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सीधे सोना सही या करवट लेकर? सेहत के लिए कौन सी Sleeping Position है बेहतर

लोग दिनभर की थकान उतारने के लिए रात में सोते हैं, लेकिन वह किस पोजिशन में सो रहे हैं इसपर गौर नहीं करते. आपके सोने की पोजिशन का सीधा संबंध आपकी शरीर से होता है. इसलिए बेहतर हैं कि आप एक अच्छी पोजिशन में सोए.

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रात में सोने का तरीका हमारी नींद के साथ-साथ शरीर पर गहरा असर डाल सकता है. जहां कुछ लोग सीधे पीठ के बल सोते हैं, तो कुछ लोगों को करवट लेकर सोना पसंद होता है. वहीं कई लोग पेट के बल सोते हैं. लेकिन सवाल यह है कि इन तीनों में से सेहत के लिए कौन सी पोजीशन बेहतर है? इस सवाल का जवाब हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता. फिर भी कुछ पोजीशन शरीर को ज्यादा आराम दे सकती हैं.

करवट लेकर सोने का फायदा

कई लोगों के लिए करवट लेकर सोना अच्छा माना जाता है. इस तरह सोने से खर्राटे कम करने में मदद मिल सकती है. खासकर जिन लोगों को पीठ के बल सोने पर खर्राटे ज्यादा आते हैं, उनके लिए करवट लेकर सोना फायदेमंद हो सकता है. करवट लेकर सोते समय रीढ़ को सीधा रखने के लिए पैरों के बीच एक तकिया रखना भी मदद कर सकता है.

बाईं करवट सोने के कम होती जलन

अक्सर लोगों को बाईं करवट सोने की सलाह दी जाती है. इससे एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या दूर होती है. इस पोजीशन में पेट का एसिड ऊपर की तरफ नहीं आता, जिससे सीने में जलन की समस्या दूर रहती है.

पीठ के बल सोना क्यों है अच्छा

पीठ के बल सोने से शरीर और रीढ़ को सीधा रखने में मदद मिल सकती है. अगर कमर में दर्द रहता है, तो घुटनों के नीचे छोटा तकिया रखने से कमर पर दबाव कम हो सकता है. लेकिन कुछ लोगों में पीठ के बल सोने से खर्राटे या सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है.

क्यों पेट के बल सोने से बचें

पेट के बल सोना आमतौर पर अच्छा नहीं माना जाता. इस पोजीशन में गर्दन को एक तरफ मोड़कर रखना पड़ता है. इससे गर्दन और कमर पर दबाव पड़ सकता है. अगर पेट के बल सोने की आदत है और सुबह उठने पर गर्दन या कमर में दर्द रहता है, तो सोने की दूसरी पोजीशन आजमाना बेहतर हो सकता है.