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World Immunisation Week 2024: वैक्सीनेशन बचा चुकी है पिछले 50 साल में 15 करोड़ से ज्यादा लोगों की जान, जानें कौन से 5 टीके हैं हर किसी के लिए जरूरी

World Immunization Week: साल 2022 में यूनिसेफ ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें वैक्सीन को लेकर डेटा दिया गया था. इसके मुताबिक, भारत ने टीकाकरण कवरेज में काफी प्रगति की है. 93 प्रतिशत जीवित शिशुओं को डीटीपी वैक्सीन की तीसरी खुराक और 90 प्रतिशत को खसरे के टीके की दूसरी खुराक मिली है. पिछले 50 साल में 15.4 करोड़ से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा चुकी है.

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Vaccine (Photo: Unsplash) Vaccine (Photo: Unsplash)
हाइलाइट्स
  • 50 साल में 15 करोड़ से ज्यादा लोगों की जान बची है

  • पांच जरूरी टीके जो हर बच्चे को मिलने चाहिए

बचपन से लेकर बड़े होने तक हमें अलग-अलग टीके लगाए जाते हैं. ये टीके ही वैक्सीन होते हैं. ये हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने की हिम्मत देते हैं. 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक इसी को लेकर जागरूकता फैलाई जाती है और विश्व टीकाकरण सप्ताह मनाया जाता है. इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) ने इसे लेकर अभियान भी शुरू किया है. उनके मुताबिक, वैक्सीन हर बच्चे का जन्मसिद्ध अधिकार है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को कहा कि दुनियाभर में टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं. पिछले 50 साल में कम से कम 154 मिलियन यानि 15.4 करोड़ लोगों की जान बचाई गई है. इनमें से ज्यादातर शिशु थे. संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि यह आधी सदी के हर साल हर मिनट बचाई गई छह जिंदगियों के बराबर है.

भारत में वैक्सीन कवरेज

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2022 में आई यूनिसेफ रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने टीकाकरण कवरेज में काफी प्रगति की है. 93 प्रतिशत जीवित शिशुओं को डीटीपी वैक्सीन की तीसरी खुराक और 90 प्रतिशत को खसरे के टीके की दूसरी खुराक प्राप्त हुई है. टीके संक्रामक बीमारियों को रोकने और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में मदद करते हैं. 

पांच जरूरी टीके जो हर बच्चे को मिलने चाहिए

1. खसरा, मम्प्स और रूबेला (MMR) वैक्सीन: एमएमआर टीका खसरा, मम्प्स और रूबेला, से रखा करता है. एमएमआर वैक्सीन लगवाने से इन बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है और बच्चे को किसी भी जोखिमों से बचाया जाता है.

2. पोलियो वैक्सीन: पोलियो, पोलियोवायरस के कारण होने वाली एक अपंग बीमारी है. इससे कई बार मृत्यु भी हो सकती है. विश्व स्तर पर पोलियो को लगभग खत्म करने में वैक्सीन का बड़ा योगदान रहा है. इस बीमारी के खिलाफ इम्युनिटी बनाए रखने के लिए पोलियो वैक्सीन जरूरी है. 

3. डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस (DTaP) वैक्सीन: डीटीएपी वैक्सीन डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस, तीन संक्रमणों से बचाती है. ये छोटे बच्चे के लिए काफी खतरनाक हो सकती है. ऐसे में डीटीएपी टीके से बच्चों को इन संक्रामक रोगों से बचा सकता है. 

4. हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Hib) वैक्सीन: एचआईबी एक बैक्टीरिया है जो निमोनिया, मेनिनजाइटिस और एपिग्लोटाइटिस जैसे गंभीर संक्रमण फैलाता है. हिब टीका बैक्टीरिया के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने का काम करता है. साथ ही इसके संक्रमणों को रोकने में मदद करता है. 

5. हेपेटाइटिस बी वैक्सीन: हेपेटाइटिस बी एक वायरल इंफेक्शन है जिसका इलाज न किए जाने पर लिवर की बीमारी या लिवर कैंसर हो सकता है. हेपेटाइटिस बी के खिलाफ वैक्सीन, बचपन में कई डोज में  दी जाती है. मां से बच्चे में इसे फैलने से को रोकने के लिए ये वैक्सीन जरूरी है.