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World Longest Trichobezoar: 14 साल की बच्ची के पेट से निकाला गया दुनिया का सबसे लंबा ट्राइकोबेज़ोआर, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, जानिए क्या होता है ये?

आगरा के एक गांव की रहने वाली बच्ची के पेट से बालों की गेंद निकाली गई है. डॉक्टरों को इस ऑपरेशन को करने में दो साल का समय लगा है. ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया है. इससे पहले ये वर्ल्ड रिकॉर्ड रिकॉर्ड 180 सेंटीमीटर का था.

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World Longest Trichobezoar World Longest Trichobezoar
हाइलाइट्स
  • 14 साल की बच्ची के पेट से निकाली गई बालों की गेंद

  • इस सर्जरी को करने में दो घंटे लगे

चिकित्सा के क्षेत्र में अनोखे केस सामने आते हैं. ऐसा ही केस सामने आया है. डॉक्टर्स ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. दरअसल, डॉक्टरों ने एक लड़की के पेट से दुनिया का सबसे लंबा ट्राइकोबेज़ोआर निकाला है.

उत्तर प्रदेश के बरारा गांव की 14 साल की लड़की के पेट से डॉक्टरों ने 210 सेंटीमीटर लंबा ट्राइकोबेज़ोआर (बालों की गेंद) निकाला है. ये अब तक का दुनिया का सबसे लंबा ट्राइकोबेज़ोआर माना जा रहा है. इससे पहले ये वर्ल्ड रिकॉर्ड रिकॉर्ड 180 सेंटीमीटर का था. आगरा की किशोरी के पेट से निकाली गई बालों की गेंद इस रिकॉर्ड को पार कर गई है.

ट्राइकोबेज़ोआर कैसे बनती है?
किशोरी 10वीं कक्षा की छात्रा है और एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती है. उसे पिछले कई सालों से मिट्टी, लकड़ी के टुकड़े, धागे और चॉक खाने की आदत है. उसने यह आदत 6वीं कक्षा में दूसरे बच्चों को देखकर शुरू की थी. डॉक्टरों का कहना है कि यह एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जुड़ा मामला है जिसे पिका (Pica) कहते हैं. इसमें व्यक्ति खाने योग्य न होने वाली चीज़ें खाने लगता है.

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एक महीने से पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद लड़की को अस्पताल लाया गया. डॉक्टरों ने पेट की जांच में एक सख्त गांठ पाई. ये गांठ पेट से लेकर नाभि और दाएं ऊपरी पेट क्षेत्र तक फैली हुई थी. सीईसीटी (कंट्रास्ट एन्हांस्ड सीटी स्कैन) में यह पता चला कि पेट फूला हुआ है और उसके अंदर कुछ असामान्य चीज मौजूद है.

2 घंटे चला ऑपरेशन
डॉक्टरों ने तुरंत लैपरोटॉमी सर्जरी का फैसला लिया. यह ऑपरेशन करीब 2 घंटे चला. खास बात यह रही कि इसमें खून चढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी. गैस्ट्रोटॉमी के दौरान डॉक्टर हैरान रह गए. डॉक्टरों ने देखा कि ट्राइकोबेज़ोआर सिर्फ पेट तक सीमित नहीं था, बल्कि छोटी आंत तक फैला हुआ था. 

सर्जरी के दौरान इसे एक ही टुकड़े में बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती थी. यदि यह टूट जाता तो इसे निकालने के लिए आंतों में कई चीरे लगाने पड़ सकते थे. इस जटिल लेकिन सफल सर्जरी को डॉ. जीवन कांकरिया और उनकी टीम ने अंजाम दिया. इस ऑपरेशन में डॉ. राजेन्द्र बुगालिया, डॉ. देवेंद्र सैनी, डॉ. अमित, और डॉ. सुनील चौहान अपनी एनेस्थीसिया टीम के साथ मौजूद थे. ऑपरेशन में सहायक स्टाफ शायर और जुगन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

वर्ल्ड रिकॉर्ड
विभाग ने इस उपलब्धि में सहयोग के लिए अधीक्षक डॉ सुशील भाटी और प्रधानाचार्य डॉ दीपक माहेश्वरी का भी आभार व्यक्त किया है. यह मामला न केवल चिकित्सा विज्ञान के लिए चेतावनी है, बल्कि अभिभावकों को भी बच्चों की आदतों पर सतर्क निगाह रखने की सीख देता है. फिलहाल मरीज़ की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है.

डॉक्टरों ने बताया कि यह मामला वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा. यह अब तक का सबसे लंबा ट्राइकोबेज़ोआर है. यह बालों की गांठ पूरी छोटी आंत में उलझी हुई थी. इसे सुरक्षित निकालना चिकित्सा क्षेत्र में एक अद्भुत उपलब्धि मानी जा रही है.