
World Tuberculosis Day: Photo: Unsplash
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हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस गंभीर संक्रामक बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके. भारत में टीबी आज भी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है और दुनिया में सबसे ज्यादा मामले यहीं दर्ज किए जाते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, सही समय पर लक्षण पहचानकर और पूरा इलाज लेकर इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है.
र्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे पर हमने बात की यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डायरेक्टर- पल्मोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर, डॉ. विजय कुमार अग्रवाल से और जाने इस बीमारी से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब.
टीबी के शुरुआती लक्षण कौन से हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
टीबी के शुरुआती लक्षणों में 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक रहने वाली खांसी, हल्का बुखार (खासकर शाम के समय), रात में पसीना आना, बिना वजह वजन कम होना, थकान और भूख कम लगना शामिल हैं. कुछ मामलों में सीने में दर्द या बलगम में खून भी आ सकता है. इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से बीमारी बढ़ सकती है और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है.
लगातार खांसी होने पर कब जांच करानी चाहिए?
अगर खांसी 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहती है और इसके साथ बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत टीबी की जांच करानी चाहिए. कमजोर इम्युनिटी वाले लोग या टीबी मरीज के संपर्क में आए लोगों को हल्के लक्षण होने पर भी जांच में देरी नहीं करनी चाहिए.

टीबी कैसे फैलती है और बचाव के आसान तरीके क्या हैं?
टीबी हवा के जरिए फैलती है. जब संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है, तो बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं. इससे बचाव के लिए खांसते समय मुंह ढकना, घर और आसपास अच्छी वेंटिलेशन रखना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है. साथ ही, समय पर जांच और पूरा इलाज करना भी संक्रमण फैलने से रोकता है.
टीबी का इलाज कितने समय तक चलता है और क्या यह पूरी तरह ठीक हो सकती है?
टीबी का इलाज आमतौर पर 6 से 9 महीने तक चलता है. इसमें एंटीबायोटिक दवाएं डॉक्टर की निगरानी में नियमित रूप से लेनी होती हैं. सही तरीके से इलाज पूरा करने पर टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है. बीच में दवा छोड़ने से ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी का खतरा बढ़ जाता है, जिसका इलाज ज्यादा मुश्किल होता है.
अगर घर में किसी को टीबी है, तो क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी जांच करानी चाहिए?
हां, अगर घर में किसी को टीबी है तो परिवार के अन्य सदस्यों और करीबी संपर्क में रहने वालों को भी जांच करानी चाहिए. लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण उनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. भले ही लक्षण न हों, फिर भी स्क्रीनिंग जरूरी है. कुछ मामलों में डॉक्टर बचाव के लिए प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट भी दे सकते हैं.