The Congress on Wednesday moved to its new headquarters on 9A Kotla Road from 24, Akbar Road, in Delhi. (Image: X/INC)
The Congress on Wednesday moved to its new headquarters on 9A Kotla Road from 24, Akbar Road, in Delhi. (Image: X/INC)
दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित 24 अकबर रोड दशकों से भारतीय राजनीति का अहम हिस्सा रहा है. पिछले करीब 48 वर्षों से यह पता कांग्रेस पार्टी की पहचान बन चुका था. इसके मशहूर होने का अंदाजा केवल इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली में किसी भी टैक्सी चालक को इसका रास्ता बताने की जरूरत नहीं पड़ती थी. लेकिन अब सरकार की ओर से कांग्रेस पार्टी को जारी अंतिम नोटिस के बाद 28 मार्च तक इस परिसर को खाली करना होगा. यह पता राजनीति की एक लंबी पारी खेल चुका है, लेकिन अब इस पते पर कांग्रेस का राजनीतिक दौर अंत होता नजर आ रहा है.
इमारत के डिजाइन में छिपी कलाकार की कला
इस ऐतिहासिक भवन की नींव ब्रिटिश काल में रखी गई थी और इसे मशहूर वास्तुकार एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था. उनकी खास शैली इस इमारत के ऊंचे खंभों और चौड़े बरामदों में साफ दिखाई देती है. शुरुआती दौर में यह बंगला केवल आठ कमरों का हुआ करता था, उस समय ये कमरे बड़े पद वाले अधिकारियों के लिए थे. लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया कमरे और अधिकारी दोनों ही बढ़ते हए.
8 कमरों से 34 कमरों तक का सफर
समय के साथ कांग्रेस पार्टी की एक्टिविटी बढ़ीं और इस भवन में भी कई बदलाव किए गए. जो बंगला कभी आठ कमरों तक सीमित था, वह बढ़कर 34 कमरों वाले बड़े परिसर में तब्दील हो गया. यहां पार्टी अध्यक्ष, महासचिवों के कार्यालय, मीडिया सेल और कई अहम बैठक कक्ष बनाए गए. इन कमरों ने वर्षों तक कई बड़े राजनीतिक फैसलों और चर्चाओं को सहेजा है.
सरकार का अंतिम नोटिस और बदलाव का समय
सरकार की ओर से दिए गए अंतिम अल्टीमेटम के तहत कांग्रेस को 28 मार्च तक यह परिसर खाली करना होगा. केवल 24 अकबर रोड ही नहीं, बल्कि 5 रायसीना रोड स्थित यूथ कांग्रेस कार्यालय को भी इसी समयसीमा में खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. यह कार्रवाई सरकारी आवंटन की अवधि समाप्त होने के कारण की जा रही है, जो पार्टी के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है.
इंदिरा भवन बना कांग्रेस का नया ठिकाना
कांग्रेस पहले ही अपने नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में शिफ्ट होने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है. 14 जनवरी 2025 से पार्टी की गतिविधियां नए परिसर में शिफ्ट की जा रही हैं. करीब 46 वर्षों बाद पार्टी अपनी पहचान वाले पते से आगे बढ़ रही है. नए तेकनीक वाले मुख्यालय की आधारशिला 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने रखी थी, जिसे लगभग 252 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है. अब कांग्रेस इसी हाई-टेक इमारत से अपनी भविष्य की राजनीतिक रणनीतियां तय करेगी.