स्कूल में भरे हुए पानी की तस्वीर
स्कूल में भरे हुए पानी की तस्वीर
63 करोड़ रुपए की लागत से बना हर्रैया तहसील के बसहवा स्थित अटल आवासीय विद्यालय, आज प्रशासनिक अनदेखी और घटिया प्लानिंग की मिसाल बन चुका है. जिन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य देने के इरादे से इस भव्य आवासीय परिसर की नींव रखी गई थी, वे मासूम बच्चे आज घुटनों तक भरे बदबूदार पानी में घुसकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
वर्ष 2023 में शुरू हुए इस विद्यालय में वर्तमान में सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही हर मानसून में पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है. हॉस्टल से लेकर क्लासरूम, बाउंड्री वॉल, मुख्य मार्ग और प्रशासनिक भवन तक सिर्फ पानी ही पानी नजर आता है. तीन साल का लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी द्वारा जलनिकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है.
स्थानीय लोगों, छात्रों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्माण के समय योजना में गंभीर लापरवाही बरती गई. विद्यालय को काफी निचली जमीन पर बना दिया गया और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया गया, जिसके कारण पास में बहने वाली मनोरमा नदी से जुड़े जलस्रोतों का ओवरफ्लो पानी सीधे परिसर में समा जाता है. जब भी तेज बारिश होती है या नदी का जलस्तर बढ़ता है, पूरा कैंपस झील में तब्दील हो जाता है.
परिसर में रह रहे बच्चों का कहना है कि हॉस्टल से क्लासरूम तक जाने के लिए कोई सूखा रास्ता नहीं बचा है. गंदे पानी से होकर गुजरने के कारण संक्रमण, त्वचा की बीमारियों और पानी में विषैले जीव-जंतुओं का डर लगातार बना रहता है.
विद्यालय के प्रधानाचार्य पूरण चंद्र ने भी जलभराव की गंभीर समस्या को स्वीकार करते हुए बताया कि उच्च अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्था को कई बार लिखित में सूचित किया जा चुका है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने मौके का निरीक्षण भी किया था, लेकिन अधिकारियों के दौरों के बाद भी धरातल पर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है.
इस पूरे मामलों को लेकर जब हमने श्रम विभाग के इंस्पेक्टर श्यामसुंदर शुक्ला से बात की तो उन्होंने बताया कि हरैया तहसील के बसेरा कुंवर गांव में बने अटल आवास योजना में अत्यधिक वर्षा के कारण जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
इसे देखते हुए जिलाधिकारी और कमिश्नर के निर्देश पर निर्माण विभाग को तात्कालिक कोई व्यवस्था करने के लिए पत्र लिखा गया है और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल विद्यालय में छुट्टी कर दी गई है, बताया कि क्या समस्या काफी गंभीर है जिस वजह से पढ़ाई भी बाधित होती है लेकिन हर स्तर पर जल्द से जल्द इस समस्या का निदान कर लिया जाएगा.
- सतीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट