Saurabh Bhardwaj
Saurabh Bhardwaj
देश की राजधानी दिल्ली में विभिन्न राज्यों की रहने वाली गरीब महिलाओं से डीटीसी बसों में मुफ्त सफर का हक छीनने पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया.
'आप' दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने डीटीसी बसों में पिंक कार्ड अनिवार्य कर गरीब पूर्वांचली महिलाओं का हक मारा है. जब दिल्ली में रह रही हर महिला डीटीसी में मुफ्त सफर कर रही थी तो पिंक कार्ड की क्या जरूरत थी? एक साल बाद ही भाजपा सरकार ने की यूपी, बिहार, हरियाणा समेत अन्य राज्यों की महिलाओं से अपनी नफ़रत को सामने ला दिया है.
पिंक टिकट की जगह कार्ड क्यों?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब महिलाओं को पिंक टिकट की जगह पिंक कार्ड दिया जाएगा. अब तक उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा या कहीं से भी आकर दिल्ली में रहने वाली कोई भी महिला बस में चढ़ती थी, तो उसे एक मुफ्त पिंक टिकट दे दी जाती थी, जिससे वह आसानी से सफर कर लेती थी. लेकिन अब यह व्यवस्था थोपी जा रही है कि महिलाओं को एक पिंक कार्ड बनवाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा पिंक कार्ड बनाने का यह खर्चा क्यों करना चाहती है?
क्या दिक्कत पिंक कार्ड के साथ
उन्होंने कहा कि कार्ड बनवाने के लिए दिल्ली के आधार कार्ड की मांग की जाएगी, जबकि दिल्ली में रहने वाली बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पूर्वांचल की लाखों महिलाओं के पास आज भी उनके मूल राज्यों का ही आधार कार्ड है.
पिंक टिकट में कोई भ्रष्टाचार नहीं
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि एक मुफ्त टिकट में भ्रष्टाचार नहीं हो सकता था. टिकट के एवज में बस कंडक्टर को कुछ नहीं मिलता क्योंकि कंडक्टरों को तय वेतन मिलता है और प्राइवेट बसों को भी प्रति किमी के हिसाब से भुगतान किया जाता है. टिकटों के हिसाब से सरकार किसी को भुगतान करती ही नहीं है.
महिलाओं की बढ़ी दिक्कत
अब महिलाओं को पिंक कार्ड लेने के लिए जगह-जगह जाना पड़ेगा और दलालों की मदद लेनी पड़ेगी. एसडीएम और डीएम कार्यालयों का हाल यह है कि वहां एक आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी 5000 रुपए देने पड़ते हैं, तो इस पिंक कार्ड को बनवाने के लिए दलाल पता नहीं कितना पैसा वसूलेंगे.