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Madhya Pradesh News: बंगाल जीत के बाद अब नजरें मध्य प्रदेश पर, क्या होगा मंत्रीमंडल विस्तार? मोहन कैबिनेट में अभी हैं 31 मंत्री 

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने अब मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक मोहन यादव कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल इस साल संभावित हो सकता है. फिलहाल मोहन कैबिनेट में 31 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 35 हो सकती है यानी चार नए चेहरों की एंट्री करने की संभावना बाकी है.

Chief Minister Mohan Yadav (File photo: PTI) Chief Minister Mohan Yadav (File photo: PTI)

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने अब मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी के पक्ष में आए परिणामों से उस प्रक्रिया को फिर से रफ्तार मिल सकती है, जिसे चुनावों के चलते रोक दिया गया था. सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक मोहन यादव कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल इस साल संभावित हो सकता है.

कराया गया है मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन
दरअसल, पिछले कुछ महीनों में कई मंत्रियों के बयानों और बॉडी लैंग्वेज ने संगठन को असहज किया है. सार्वजनिक मतभेद और बयानबाजी ने इन संकेतों को और स्पष्ट कर दिया था. यही वजह है कि मंत्रियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट अब हाईकमान के पास है. मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन कराया गया है. संगठन ने जो समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए थे, उनकी भी परीक्षा अब इस फेरबदल में होगी. राजनीतिक तौर पर यह फेरबदल बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार अपने कार्यकाल के मध्य बिंदु पर लगभग पहुंच चुकी है यानी मोहन सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं. अगले ढाई साल पूरी तरह चुनावी मोड में होंगे. ऐसे में पार्टी कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही और मान कर चल रही है कि कैबिनेट में फेरबदल या विस्तार का यही सही समय है.

कैबिनेट में विस्तार करने की गुंजाइश अभी बाकी
संख्या के लिहाज से भी देखा जाए तो कैबिनेट में विस्तार करने की गुंजाइश अभी बाकी है. फिलहाल मोहन कैबिनेट में 31 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 35 हो सकती है यानी चार नए चेहरों की एंट्री करने की संभावना बाकी है. लेकिन सवाल यह है कि इसके साथ ही क्या मौजूदा मंत्रियों की विदाई होगी या बचे हुए चार खाली मंत्री पदों पर नियुक्तियां होंगी. सवाल इस बात का भी है कि क्या गुजरात की ही तर्ज पर यहां भी तो कहीं पूरी कैबिनेट को नहीं बदल दिया जाएगा? हालांकि इसकी संभावना यहां इसलिए कम है क्योंकि गुजरात के अलावा अन्य किसी राज्य में बीजेपी ने पूरी कैबिनेट को नहीं बदला. इसी साल मार्च में बीजेपी शासित उत्तराखंड में  पूरी कैबिनेट बदलने के बजाय, धामी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 5 नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई थी.

(रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट)