Agra Security arrangements
Agra Security arrangements
विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को आगरा स्थित पश्चिमी गेट पर मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित की गई. इस अभ्यास के जरिए सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और आपसी समन्वय को परखा गया. मॉक ड्रिल के दौरान लावारिस बैग में विस्फोटक होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में सुरक्षा बल तुरंत और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकें.
संदिग्ध बैग मिलने पर तुरंत शुरू हुई कार्रवाई
अभ्यास के दौरान जैसे ही पश्चिमी गेट के पास एक लावारिस बैग मिलने की सूचना मिली, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं. सबसे पहले पूरे इलाके की घेराबंदी की गई और वहां मौजूद पर्यटकों व आम लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. इसके बाद डॉग स्क्वाड और बम निरोधक एवं निस्तारण दस्ता (BDDS) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बैग की गहन जांच शुरू की.
SOP के अनुसार किया गया विस्फोटक निष्क्रिय करने का प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के तहत यह मानते हुए कि बैग में विस्फोटक सामग्री मौजूद है, BDDS टीम ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने और निस्तारित करने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया. इस दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियों ने बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय क्षमता और आपातकालीन हालात से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया.
डी-ब्रीफिंग में हुई सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
इस मॉक ड्रिल का आयोजन CISF कमांडेंट ऋषि कौशिक के निर्देशन में किया गया. अभ्यास में CISF, उत्तर प्रदेश पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), फायर सर्विस, डॉग स्क्वाड और BDDS सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया. ड्रिल पूरी होने के बाद डी-ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी एजेंसियों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई. साथ ही भविष्य में ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने के लिए जरूरी सुझावों पर भी चर्चा की गई. यह अभ्यास इस बात का संकेत है कि देश की ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर सभी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं.
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