
Dowry Death Case
Dowry Death Case
राजस्थान के अलवर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 9 महीने की गर्भवती विवाहिता ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. मृतका की पहचान जनता कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय अंतिमा के रूप में हुई है. घटना शुक्रवार शाम अरावली विहार थाना क्षेत्र में शांतिकुंज के पास एफसीआई गोदाम के नजदीक हुई. अंतिमा अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ गई, जिसमें उसने अपनी पीड़ा बयां करते हुए पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाए. सुसाइड नोट में लिखी उसकी बात'बहुत बातें हैं जो मैं कहना चाहती हूं...' उस दर्द की ओर इशारा करती है, जिसे वह अपने बयां करना चाहती थी लेकिन कह नहीं पाईं.
सुसाइड नोट में बयां किया दर्द, आरोपियों के लिए मांगी सजा
पुलिस के मुताबिक, अंतिमा ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि उसका पति और सास उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे. गर्भवती होने के बावजूद उसे ससुराल में टॉर्चर किया जा रहा था. उसने लिखा कि वह अभी जीना चाहती थी, लेकिन लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर मजबूरी में यह कदम उठा रही है. नोट में अंतिमा ने अपने पति, ससुर, सास और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया. उसने आरोपियों के लिए उम्रकैद या फांसी की सजा की मांग करते हुए महिलाओं को इंसाफ मिलने की बात भी रखी.

शादी के तीन महीने बाद से प्रताड़ना का आरोप
अंतिमा की शादी करीब तीन साल पहले भरतपुर जिले के शकरपुर निवासी सौम्य राजपूत से हुई थी. सौम्य एक सरकारी विद्यालय में प्रिंसिपल है. मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति सौम्य, ससुर गोपाल और सास मंजू उसे दहेज की मांग को लेकर मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे. परिजनों के मुताबिक, शादी के महज तीन महीने बाद ही अंतिमा को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया था. अंतिमा ने सुसाइड नोट में ये भी खुलासा किया कि करीब छह महीने पहले, रात को 2 बजे ससुराल वाले उसका गला दबाकर हत्या करने की कोशिश भी कर रहे थे. उसके बाद से अंतिमा और डर गई थी.
तंग आकर लगाया मौत को गले
मृतका के भाई ने बताया कि अंतिमा इतनी बेबस और डरी हुई थी कि गर्भावस्था के शुरुआती दिनों से ही ससुराल छोड़कर अपने पीहर में रह रही थी. शुक्रवार शाम वह अपने पिता के घर से स्कूटी लेकर निकली थी. काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. इसके बाद ट्रेन के सिक्योरिटी गार्ड का फोन आया, जिससे परिजनों को घटना की जानकारी मिली. अंतिमा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया. परिजनों ने ससुराल पक्ष पर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप भी लगाया है.
घटना के बाद परिवार में शोक, इंसाफ की मांग
नौ महीने की गर्भवती अंतिमा की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. सुसाइड नोट में उसने अपने साथ हुई कथित प्रताड़ना का जिक्र करते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग भी की है. उसने लिखा उन्हें कड़ी सजा मिले ताकि फिर किसी बेटी के साथ ऐसा न हो. परिवार का आरोप है कि दहेज को लेकर लगातार मानसिक उत्पीड़न के कारण अंतिमा इस हद तक परेशान हो गई थी कि उसने अपनी जान दे दी.
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