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Amarnath Yatra 2022: अमरनाथ जाने वाले यात्रियों के लिए गुड न्यूज! हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे श्रीनगर से पंचतरणी जा सकेंगे श्रद्धधालु

इस साल अमरनाथ यात्रा पर आठ लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है. इस बार हेलीकॉप्टर यात्रा के अलावा दो और मार्गों पर रोजाना, हर रूट पर 10 हजार श्रद्धालु जा सकते हैं. तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने के पूर्वानुमान के मद्देनजर तीसरा रास्ता हवाई मार्ग रखा गया है.

Amarnath Yatra Amarnath Yatra
हाइलाइट्स
  • पहुंच सकते हैं आठ लाख श्रद्धधालु

  • होगी चाक-चौबंद व्यवस्था

दो साल के अंतराल के बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू होने वाली है.  43 दिन की यह यात्रा 30 जून से शुरू होकर 11 अगस्त को खत्म होगी. यात्रा मार्ग पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य पूरे कर लिये गए हैं. यात्रा के दौरान सुरक्षा को बनाए रखने के लिए बैठकों का दौर अभी जारी है. वहीं इस साल पहली बार यात्री श्रीनगर से सीधे पंचतरणी तक हेलीकॉप्टर जाएंगे. पंचतरणी से बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा की दूरी सिर्फ 6 किलोमीटर है. पहले यह सेवा पहलगाम और नीलग्रथ (बालटाल) से पंचतरणी तक उपलब्ध थी.

अमरनाथ मंदिर बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से 61 किलोमीटर दूर है. बालटाल अमरनाथ मंदिर से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और तीर्थयात्रियों के पास मंदिर तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग, हेलीकॉप्टर का उपयोग करने या खच्चर लेने का विकल्प है. वहीं पहलगाम और अमरनाथ मंदिर के बीच की दूरी 46 किमी है, जिसे पैदल, खच्चर, पालकी या फिर हेलीकॉप्टर से भी तय किया जा सकता है. 

पहुंच सकते हैं आठ लाख श्रद्धधालु
इस साल अमरनाथ यात्रा पर आठ लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है. इस बार हेलीकॉप्टर यात्रा के अलावा दो और मार्गों पर रोजाना, हर रूट पर 10 हजार श्रद्धालु जा सकते हैं. तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने के पूर्वानुमान के मद्देनजर तीसरा रास्ता हवाई मार्ग रखा गया है. मौजूदा समय में तीर्थयात्रियों के लिए दो हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित की जा रही हैं. बालटाल और पहलगाम दोनों ही श्रीनगर से करीब 90 किलोमीटर दूर हैं. इस दौरान आतंकवादियों से निपटने के लिए भी बेहद सख्त इंतज़ाम किए गए हैं ताकि बाबा बर्फानी के दरबार में निर्बाध आस्था का मेला सजे और भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सके. 

चाक-चौबंद व्यवस्था
यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की मदद के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बचाव दल तैनात किए जाएंगे. पुलिस ने इसकी जानकारी दी. पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि रामबन की पुलिस अधीक्षक मोहिता शर्मा की अध्यक्षता में हुई एक सुरक्षा समीक्षा बैठक में राजमार्ग पर खासकर फिसलन वाले इलाकों में बचाव दल तैनात करने का फैसला किया गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार पहलगाम और बालटाल के रास्तों पर 50 ड्रोन तैनात किए जाएंगे. इसके अलाव सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन की टीमें सुरक्षा चाक चौबंद रखने के लिए तैनात रहेगी.