आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने अपने ही दोस्त की जान ले ली. मामला 24 से 25 मार्च की रात का है, जब आरोपी मिथिलेश कुजूर और उसका दोस्त बृजलाल के बीच कहा-सुनी हो गई. झगड़ा बढ़ते-बढ़ते हिंसा में बदल गया और आरोपी ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया. हमले में बृजलाल की मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक, विवाद की शुरुआत मोबाइल टूटने को लेकर हुई थी. आपसी तनाव पहले भी था, लेकिन उस रात मामला हाथ से निकल गया.
हत्या के बाद घर में ही दफनाया शव
वारदात के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की कोशिश की. अपनी पत्नी राजकुमारी सिंह की मदद से उसने घर के अंदर ही गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया. नौ दिनों तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी और पूरा मामला दबा रह गया. स्थानीय लोग बताते हैं कि आरोपी वारदात के बाद बेहद घबराया हुआ रहता था और खुद को अकेला रखने लगा था.
आत्मा से डर कर आरोपी खुद पहुंचा थाने
इस केस में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि नौ दिन बाद आरोपी मिथिलेश खुद थाने पहुंच गया और पुलिस को सच बता दिया.
पड़ोसियों का कहना है कि आरोपी पिछले कुछ दिनों से कह रहा था कि बृजलाल की आत्मा उसे परेशान कर रही है, अंतिम संस्कार करवाने को कह रही है. इसके बाद उसने पूरी कहानी पुलिस को बताई.
पुलिस ने बरामद किया शव
सूचना मिलते ही पुलिस टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और तहसीलदार के साथ घर पहुंची. घर के अंदर खुदाई कर शव बरामद किया गया. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. आरोपी की पत्नी राजकुमारी सिंह पर भी शव को छिपाने में मदद का आरोप है, इसलिए उसे भी जांच में शामिल किया गया है और पूछताछ जारी है.
पुलिस के बयान
रात में विवाद हुआ था. आरोपी ने डंडे से मारकर दोस्त की हत्या कर दी और शव को घर में ही दफना दिया. आरोपी का कहना है कि मृतक की आत्मा उसे परेशान कर रही थी, इसलिए वह खुद थाने आकर हत्या की बात बताने पहुंचा.
जांच अधिकारी ने बताया
24 तारीख की रात मोबाइल टूटने को लेकर विवाद हुआ था. आरोपी ने लाठी-डंडों से हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई. आरोपी ने घर पर ही गड्ढा कर शव को दफनाया. सूचना मिलते ही हमने शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पूरी घटना की जांच फिलहाल जारी है.
(रिपोर्ट- सुमित सिंह)
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