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Samastipur News: ठेला चलाकर पुत्र को पढ़ाया... सेना में कराया भर्ती, अब आई ऐसी दुखद खबर 

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान समस्तीपुर के एक जवान के शहीद होने से कोहराम मच गया है. सीताराम राय को उनके पिता ने ठेला चलाकर पढ़ाया था और सेना में भर्ती कराया था. सीताराम अप्रैल महीने में छुट्टी पर घर आने वाले थे. इसी बीच ऐसी दुखद खबर आ गई.  

Army Soldier Sitaram Rai Martyred in Terrorist Attack in Jammu and Kashmir   Army Soldier Sitaram Rai Martyred in Terrorist Attack in Jammu and Kashmir  

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में समस्तीपुर के रहने वाले सेना के जवान सीताराम राय शहीद हो गए. खबर सुनते ही समस्तीपुर के मोरवा गांव में मातम छा गया. शहीद जवान के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. पिता ने रिक्शा ठेला चलाकर सेना में भर्ती कराया था. 

सीताराम राय ने सुबह सर्च ऑपरेशन में जाने से पहले अंतिम बार पत्नी को वीडियो कॉल कर अगले महीने अप्रैल में छुट्टी लेकर घर आने की बात कहीं थी लेकिन कुछ घंटे बाद ही जवान के शहीद होने की खबर घर वालों को मिली. बता दें कि समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड स्थित बाजितपुर करनैल पंचायत के लोदीपुर नारायण गांव निवासी सूरज राय कोलकाता में ठेला चलाकर अपने पुत्र सीताराम राय को पढ़ा-लिखा कर इस काबिल बना दिया कि वर्ष 2002 में भारतीय सेना में सिपाही के पद पर बहाली हो गई. इसके बाद से सीताराम ने सेवा काल के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया और देश के रक्षा में अहम भूमिका निभाई थी. इस बीच सीताराम राय ने डिस्टेंस एजुकेशन से ग्रेजुएशन की, जिसके बाद उन्हें प्रमोशन मिला और वे हवलदार बन गए. सीताराम की नौकरी लग जाने के बाद पिता सूरज राय ठेला चलाने का काम छोड़कर कोलकाता से घर वापस लौट आए. सीताराम राय की शादी सुमन राय से हुई थी और उन्हें दो पुत्र और एक पुत्री है. पिछले पंद्रह दिन पहले सीताराम राय घर से जम्मू-कश्मीर ड्यूटी पर गए थे.

आतंकी हमले में शहीद होने की आई खबर 
18 मार्च की अहले सुबह सेना का जवान सीताराम राय सर्च ऑपरेशन में जाने से पहले अपनी पत्नी सुमन राय को वीडियो कॉल करके बात की थी और कहा था कि अप्रैल महीने में छुट्टी लेकर घर आऊंगा. इससे पहले मां से भी कॉल करके हालचाल पूछा था. उन्हें भी घर आने की बात कही थी. इस बीच बुधवार को बेस कैंप से सूचना मिली कि सीताराम को गोली लग गई है. फिर रात्रि करीब 11 बजे सेना के जवान सीताराम के घर कॉल आया कि आतंकी हमले में वे शहीद हो गए हैं. यह खबर सुनते ही पिता सूरज राय, मां महारानी देवी, पत्नी सुमन राय और भाई शिवानंद राय समेत पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. सेना के जवान सीताराम पर पूरे गांव को गर्व था लेकिन यह खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम छा गया. बताया जाता है कि देर रात शहीद जवान का पार्थिव शरीर आने पर शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा.