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पश्चिम बंगाल के स्कूलों में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, छात्रों में बढ़ी देशभक्ति और संस्कृति से जुड़ने की नई भावना

पश्चिम बंगाल में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मंगलवार से राज्य के कई स्कूलों और कॉलेजों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन की औपचारिक शुरुआत हो गई है.

Vande Mataram started in schools Vande Mataram started in schools

पश्चिम बंगाल में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मंगलवार से राज्य के कई स्कूलों और कॉलेजों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन की औपचारिक शुरुआत हो गई है. इस पहल को लेकर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला. सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षकों और छात्रों ने एक साथ राष्ट्रगीत गाकर देशभक्ति का संदेश दिया.

पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल सहित राज्य के कई शिक्षण संस्थानों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों में राष्ट्र प्रेम, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों की भावना मजबूत होगी. उनका मानना है कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ना बेहद जरूरी है.

शिक्षकों ने बताया कि 'वंदे मातरम्' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और देशभक्ति की पहचान है. अब स्कूलों में छात्रों को इस गीत के इतिहास, इसके महत्व और आजादी की लड़ाई में इसकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी जा रही है. छात्रों को बताया जा रहा है कि 'वंदे मातरम्' की रचना महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत लोगों में देशप्रेम की भावना जगाने का प्रमुख माध्यम बना था.

इस पहल को अभिभावकों का भी समर्थन मिल रहा है. अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों में देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी. शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को अपनी संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों को समझने में मदद करेंगे. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य स्कूलों और कॉलेजों में भी 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन की यह पहल नियमित रूप से जारी रखी जाएगी.

रिपोर्टर: अनिल गिरी

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