आशुतोष ब्रह्मचारी और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद. File Photo ITG
आशुतोष ब्रह्मचारी और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद. File Photo ITG
प्रयागराज में मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संत समाज के दो प्रमुख नामों के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया. आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने Swami Avimukteshwaranand Saraswati पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के नाम पर फंडिंग लेने वालों को मां गंगा का श्राप लगा है और जो गंगा को गंदा कहते हैं, वे स्वयं गंगा में स्नान नहीं कर पाएंगे.
आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर, वाराणसी और ज्योतिषमठ से जुड़े कुछ स्थानों पर 'गलत गतिविधियां' होती रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य की उपाधि को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रोक की स्थिति के बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने दिवंगत गुरु के स्थान पर जल्दबाजी में पद ग्रहण किया.
सबसे गंभीर आरोप 17 जनवरी को माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में कथित बाल यौन उत्पीड़न को लेकर लगाए गए. आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि पीड़ित बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट में शोषण की पुष्टि हुई है और दोनों बच्चों ने कोर्ट में बयान भी दर्ज कराए हैं. उन्होंने स्वामी मुकुंदानंद, मठ के सीईओ प्रकाश उपाध्याय और अरविंद नामक सहयोगी का नाम भी इस प्रकरण में लिया. साथ ही दावा किया कि कई वीआईपी लोग भी इसमें शामिल हैं.
उन्होंने कुछ तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि संबंधित लोग पहले उनसे जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें हिंदुओं की लड़ाई लड़ने के कारण हिस्ट्रीशीटर बनाया गया, जबकि कोर्ट से वे दोषमुक्त हो चुके हैं.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. उन्होंने कहा कि जिस जांच का हवाला दिया जा रहा है, उसमें शिकायतकर्ता स्वयं पुलिस के साथ मौजूद है, जो प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है.
उन्होंने दावा किया कि जिन बच्चों को पीड़ित बताया जा रहा है, वे लंबे समय से आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ रह रहे हैं और उनके साथ धार्मिक अनुष्ठान करते रहे हैं. उन्होंने कहा, “वे हमारे साथ आए ही नहीं, हम सारे सबूत कोर्ट में पेश करेंगे.”
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