DSP गौतम कुमार
DSP गौतम कुमार
बिहार के किशनगंज जिले के पूर्व DSP गौतम कुमार को आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा चल रही जांच के बाद की गई है, जिसमें उनके पास करीब 80 करोड़ रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी और बेनामी संपत्ति होने का खुलासा हुआ है.
80 करोड़ से ऊपर संपत्ति का खुलासा
जांच के दौरान पाया गया कि गौतम कुमार के पास उनके वैध आय स्रोतों की तुलना में लगभग 60% ज्यादा संपत्ति मौजूद थी. इस संपत्ति में चल-अचल दोनों प्रकार की चीजें शामिल हैं, जिनका कोई स्पष्ट वैध स्रोत नहीं बताया जा रहा है. सीबीआई और EOU की टीम ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है और दस्तावेजों के साथ साक्ष्य जब्त किए हैं, जो बताता है कि उन्होंने स्थानीय इलाकों के अलावा सिलीगुड़ी, किशनगंज और नेपाल सीमा के आसपास कई संपत्तियां खरीदी थीं.
परिवार और महिला मित्रों के नाम पर संपत्तियां
तलाशी के दौरान यह भी सामने आया कि गौतम कुमार ने खुद के नाम के अलावा पत्नी, सास और कई महिला मित्रों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदी थीं.
जानकारी यह भी मिली है कि उनके पास काम करने वाली नौकरानी के नाम पर भी एक महंगी गाड़ी पंजीकृत थी, जिसे मौजूदा आरोपी और उनके करीबी लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता था.
31 मार्च को हुई थी बड़ी छापेमारी
31 मार्च को EOU ने किशनगंज, पटना, पूर्णिया और अन्य कई जगहों पर एक साथ विशेष छापेमारी अभियान चलाया था. तत्कालीन जांच में भारी मात्रा में दस्तावेज, बैंक विवरण और संपत्ति से जुड़े कागजात मिलें, जिनके आधार पर यह पाया गया कि DSP ने कई सालों तक अपने पद का दुरुपयोग कर यह संपत्ति इकट्ठी की है.
जांच की विस्तार से हो रही पड़ताल
पुलिस टीम अब उन सभी संपत्तियों की गहराई से जांच कर रही है, जिनके दस्तावेज EOU के हाथ लगे हैं. उन संपत्तियों में घर, प्लॉट, निवेश दस्तावेज और बेनामी संपत्ति के साक्ष्य शामिल हैं. इसके अलावा जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह संपत्तियां उनके वैध आय स्रोतों से खरीदी गई हैं या नहीं. सूत्रों के अनुसार यह मामला केवल जमीन और घरों तक सीमित नहीं है, कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क का पूरा खुलासा किया जा सके.
बड़ी कार्रवाई की संभावना, केस दर्ज
जांच के लिए यह मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है, और जैसे-जैसे और सबूत मिल रहे हैं, वैसे-वैसे इस मामले में और भी गंभीर खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है. करीब 80 करोड़ रुपए की संपत्ति होने के आरोप की वजह से न केवल विभागीय जांच तेज हो गई है, बल्कि अब यह मामला भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के बड़े जाल से भी जुड़ा हुआ दिख रहा है.
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