PM Modi
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बिहार में चीनी उद्योग को फिर से गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा है कि 20 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम चीनी मिल की आधारशिला रखेंगे. इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है. सकरी और रैयाम की चीनी मिलों का संचालन सहकारिता विभाग के माध्यम से किया जाएगा.
बंद चीनी मिलों को खोलने की तैयारी-
मंत्री ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने और नई मिलें स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है. इसका उद्देश्य राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाना और गन्ना आधारित उद्योगों को मजबूती देना है.
उन्होंने बताया कि बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 लागू होने के बाद राज्य में निवेशकों की रुचि बढ़ी है. सरकार का दावा है कि नई नीति से चीनी, इथेनॉल और अन्य गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा.
गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. सरकार किसानों को 45 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र अनुदानित दर पर उपलब्ध करा रही है. साथ ही बेहतर गुणवत्ता वाले गन्ने के बीज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि उत्पादन और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जा सके.
किसानों के लिए कई योजनाएं- धर्मेंद्र सिंह
गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों के लिए मुख्यमंत्री गन्ना बीज विकास योजना, गन्ना यांत्रिकीकरण योजना, गन्ना नर्सरी योजना और नई चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ना विस्तार अभियान जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के तीन संस्थानों के साथ एमओयू भी किया गया है.
उन्होंने कहा कि बिहार में बनने वाली नई चीनी मिलों को शुगर कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां चीनी के साथ-साथ इथेनॉल, बिजली और बायोगैस का भी उत्पादन होगा.
गोपालगंज में चीनी मिल के लिए 43 करोड़ मंजूर-
सचिव ने बताया कि गोपालगंज की सासामुसा चीनी मिल को फिर से चालू करने के लिए सरकार ने ₹43 करोड़ की मंजूरी दी है. वहीं सारण की मढ़ौरा चीनी मिल से जुड़े विवाद को जल्द सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके अलावा मोतीपुर की बंद चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन वापस लेने को भी सरकार ने मंजूरी दे दी है.
विभाग के अनुसार, 2025-26 में राज्य की चीनी मिलों ने किसानों को ₹2,137.83 करोड़ का गन्ना मूल्य शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है. इस वर्ष बिहार में 10.3 प्रतिशत चीनी रिकवरी दर्ज की गई, जो विभाग के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर और राष्ट्रीय औसत से अधिक है.
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