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इंडो-चाइना बॉर्डर पर कैबिनेट का बड़ा फैसला! ITBP में 9400 नए पदों की नियुक्ति के साथ बॉर्डर गांव के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना पर होगा काम 

इंडो-चाइना बॉर्डर को लेकर कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. ITBP में 9400 नए पदों की नियुक्ति की घोषणा की गई है. इसके साथ बॉर्डर गांव के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना पर काम करने का फैसला किया गया है.

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Cabinet Decision Cabinet Decision
हाइलाइट्स
  • आईटीबीपी जवानों को मिलेगी मजबूती

  • पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा 

इंडो चीन बॉर्डर की सुरक्षा में लगी आईटीबीपी को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पहले से तैयार 47 BOP के लिए जवानों और अधिकारियों के लिए 7 नई बटालियन के गठन का फैसला बुधवार को कैबिनेट में लिया गया है. इसके अलावा, नई 7 बटालियन के लिए 9400 नई पदों की बढ़ोतरी की भी घोषणा की गई है. इसके लिए बटालियन हेड क्वार्टर और सेक्टर हेड क्वार्टर सेक्टर हेड क्वार्टर का निर्माण साल 2025 तक कर लिया जाएगा. साथ ही इसके ऑफिस और जवानों के आवास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम करने के लिए 1808 रुपए आवंटित कर दिए गए हैं. 

आईटीबीपी जवानों को मिलेगी मजबूती

बताते चलें कि आइटीबीपी के लिए यह फैसला काफी दिनों से पेंडिंग पड़ा था. सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडल समिति के इस फैसले के बाद भारत चीन सरहद पर आइटीबीपी की ताकत बढ़ेगी. जिस तरीके से चीन सीमा के उस पार अपनी गतिविधि बढ़ा रहा है वैसे में आईटीबीपी जवानों और अधिकारियों की संख्या से उस में मजबूती आएगी. 

वाइब्रेंट विलेज को लेकर फैसला 

यह नहीं कैबिनेट ने बुधवार को वाइब्रेंट विलेज को लेकर के एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है कैबिनेट के फैसले के मुताबिक भारत चीन सरहद पर जो गांव पहले घोस्ट विलेज में तब्दील हो गए थे वह गांव अब वाइब्रेंट होंगे. इसके लिए बाकायदा 48 सौ करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. यही नहीं ₹2500 करोड़ इन वाइब्रेंट विलेज के गांव की सड़कों लिए दिया जाएगा यह वह गांव है जो कि भारत-चीन सरहद पर फर्स्ट रिस्पांडर का काम करते हैं.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा 

इन गांव में बॉर्डर प्रोग्राम जो पहले से चल रहा है उससे अलग बजट आवंटित किया गया है. यहां पर टूरिज्म को प्रमोशन किया जाएगा. इसके साथ ही यहां पर केंद्र सरकार के अधिकारी भी जाएंगे और यह इंश्योर करेंगे कि यहां पर विकास का कार्य ठीक से चल रहा है कि नहीं. गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह गांव लद्दाख उत्तराखंड अरुणाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बॉर्डर के गांव हैं, जहां पर वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को बेहतर तरीके से चलाया जाएगा.  केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इन गांव में सब तरीके की सुविधाएं दी जाएंगी. साथ ही वाइब्रेंट विलेज के लिए 24 घंटे जली और पानी की व्यवस्था होगी. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण जानकारी दी कि लद्दाख में ऑल वेदर सड़क बन रही है. इसके अलावा सिंकुला टनल के निर्माण की मंजूरी भी कैबिनेट ने दी है.

(जितेन्द्र की रिपोर्ट)