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Man Climbed Tower: अजब-गजब... साइबर थाने से 50 लाख के लेनदेन का नोटिस मिलते ही टावर पर चढ़ा युवक, नीचे रोती रही बूढ़ी मां, 5 घंटे बाद ऐसे बची जान

छपरा के तेलपा में बैंक खाते से 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का साइबर थाना नोटिस मिलने पर संजीत कुमार नामक युवक बिजली विभाग के टावर पर चढ़ गया. पुलिस द्वारा 5 घंटे तक समझाने-बुझाने के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया.

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Man climbed Tower Man climbed Tower

छपरा शहर के तेलपा स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय परिसर में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक टावर पर चढ़ गया. करीब सुबह 7 बजे युवक के टावर पर चढ़ने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई. उसे देखने के लिए आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे. इसी बीच किसी ने स्थानीय नगर थाने को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और सदर अस्पताल की एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंच गई.

टावर पर चढ़े युवक को देखकर जमा हुई भीड़
युवक की पहचान छपरा नगर थाना क्षेत्र के बिचला तेलपा निवासी संजीत कुमार उर्फ भोला के रूप में हुई है. वह साइबर कैफे चलाता है. घटना की सूचना मिलने के बाद नगर थानाध्यक्ष संजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची. इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम और सदर अस्पताल से एंबुलेंस भी वहां पहुंच गई. इसी दौरान संजीत के घरवाले भी मौके पर पहुंच गए. उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्य टावर पर चढ़े संजीत से नीचे उतरने की गुहार लगाते रहे. उसकी बूढ़ी मां रो-रोकर उससे नीचे आने की मिन्नत करती नजर आईं.

साथियों पर लगाया फर्जीवाड़े का आरोप
बताया जाता है कि संजीत कुमार ने अपने साथियों पर उसके साथ फर्जीवाड़ा करने और उसके बैंक खाते के जरिए बड़े पैमाने पर लेनदेन करने का आरोप लगाया है. कुछ दिनों पहले संजीत को छपरा साइबर थाने से उसके बैंक खाते से 50 लाख रुपये के लेनदेन के मामले में नोटिस जारी किया गया था. पुलिस ने नोटिस के जरिए उससे इस मामले में जवाब मांगा था.

संजीत के मुताबिक, नोटिस मिलने के बाद वह साइबर थाने में मदद मांगने गया था. उसका कहना है कि वहां उसे अपेक्षित मदद नहीं मिली. इसके बाद वह परेशान हो गया और विद्युत विभाग के कार्यालय परिसर में स्थित टावर पर चढ़कर अपने खिलाफ जारी नोटिस को रद्द करने की मांग करने लगा.

समझाने के लिए टावर पर चढ़ा दूसरा युवक
संजीत के टावर पर चढ़ने के बाद उसे समझाकर नीचे उतारने के लिए एक अन्य युवक भी टावर पर चढ़ा. हालांकि, संजीत नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हुआ. नीचे उसकी बूढ़ी मां और परिवार के लोग लगातार उससे नीचे आने की मिन्नत करते रहे. इसी दौरान टावर पर चढ़े दूसरे युवक ने अपने मोबाइल फोन से नगर थानाध्यक्ष संजीव कुमार से संजीत की सीधे बातचीत कराई.

5 घंटे बाद टावर से नीचे उतरा संजीत
नगर थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने संजीत से काफी देर तक बातचीत की और उसे समझाने की कोशिश की. करीब 5 घंटे की कोशिश के बाद संजीत को सुरक्षित टावर से नीचे उतारने में सफलता मिली. संजीत सुबह करीब 7 बजे टावर पर चढ़ा था और दोपहर 12 बजे नीचे उतरा. उसके नीचे उतरते ही मौके पर मौजूद पुलिस, परिवार और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली.

टावर से नीचे उतरने के बाद नगर थानाध्यक्ष संजीत को नगर थाने लेकर पहुंचे. वहां उससे पूछताछ की गई. पुलिस इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है. टावर पर चढ़ने की वजह बताते हुए संजीत ने कहा कि उसके खिलाफ साजिश की गई है. उसका आरोप है कि उसका बैंक खाता खुलवाकर उस खाते से 50 लाख रुपये की जमा और निकासी की गई है. संजीत के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले गेम खेलने के नाम पर उसके एक दोस्त ने उसका बैंक खाता खुलवाया था. उसका कहना है कि इस फ्रॉड के मामले में उसे पुलिस से मदद नहीं मिली, जिसके कारण उसने टावर पर चढ़ने का कदम उठाया.

SDPO सह ASP ने कहा- पुलिस को ब्लैकमेल करने की कोशिश
इस मामले में SDPO सह ASP सदर रामपुकार सिंह ने बताया कि साइबर थाने में एक फ्रॉड का मामला दर्ज हुआ था. इसी मामले में युवक को नोटिस भेजा गया था. उन्होंने बताया कि नोटिस मिलने के बाद युवक टावर पर चढ़कर जान देने की धमकी दे रहा था और पुलिस को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था. वह बार-बार खुद को केस से बाहर करने की मांग कर रहा था और पुलिस तथा स्थानीय लोगों को टावर से नीचे कूदकर जान देने की धमकी दे रहा था. पुलिस की समझाइश के बाद उसे सकुशल नीचे उतार लिया गया है. SDPO सह ASP के मुताबिक, पुलिस को धमकी देने और ब्लैकमेल करने के मामले में संजीत के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
 

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