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दिवाली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही, 5 हजार लीटर दूध से बना नकली पनीर नष्ट

सोनीपत की शिव कॉलोनी में खाद्य सुरक्षा विभाग और सीएम फ्लाइंग ने संयुक्त छापेमारी कर पाम ऑयल से नकली पनीर बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. मोबाइल वैन जांच में सैंपल फेल होने पर 5 हजार लीटर दूध और 2 क्विंटल नकली पनीर नष्ट करवाकर फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द कर दिया गया.

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खाद्य सुरक्षा विभाग की सोनीपत में बड़ी कार्यवाही खाद्य सुरक्षा विभाग की सोनीपत में बड़ी कार्यवाही

सोनीपत में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग और सीएम फ्लाइंग ने बड़ी कार्रवाई की है. देवडू रोड की शिव कॉलोनी में अवैध रूप से चल रही एक पनीर फैक्ट्री पर संयुक्त टीम ने छापेमारी की. जांच के दौरान सामने आया कि यहां दूध में पाम ऑयल मिलाकर पनीर तैयार किया जा रहा था. मौके पर मोबाइल टेस्टिंग वैन बुलाकर दूध और पनीर की जांच करवाई गई, जिसमें प्राथमिक जांच के दौरान दोनों के सैंपल फेल पाए गए. कार्रवाई के दौरान करीब 5 हजार लीटर दूध और 2 क्विंटल पनीर नष्ट करवाया गया. साथ ही फैक्ट्री का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया.

दूध में पाम ऑयल मिलाकर तैयार किया जा रहा था पनीर
देवडू रोड की शिव कॉलोनी में संचालित इस फैक्ट्री में दूध से पनीर बनाने के नाम पर मिलावट का खेल चल रहा था. आरोप है कि कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए दूध में पाम ऑयल मिलाया जा रहा था. खाद्य सुरक्षा विभाग और सीएम फ्लाइंग की संयुक्त टीम ने जब फैक्ट्री में छापा मारा, तो वहां बड़ी मात्रा में दूध, पनीर और पाम ऑयल मिला. कार्रवाई के दौरान मौके पर ही मोबाइल टेस्टिंग वैन बुलाई गई. इसमें दूध और पनीर की प्राथमिक जांच करवाई गई, जिसमें दोनों के सैंपल फेल पाए गए. वहीं, पाम ऑयल, दूध और पनीर के सैंपल लेकर आगे की जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. लैब की रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.

5 हजार लीटर दूध और 2 क्विंटल पनीर करवाया नष्ट
संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब 5 हजार लीटर दूध और 2 क्विंटल पनीर नष्ट करवा दिया, ताकि इनका दोबारा इस्तेमाल न हो सके और इन्हें बाजार में सप्लाई न किया जा सके. जांच में फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित पाई गई, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने उसका लाइसेंस भी रद्द कर दिया.

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि लोगों की थाली तक पहुंचने वाले दूध, पनीर और मिठाइयों में मिलावट करने वालों को किसका संरक्षण मिल रहा है? क्या ऐसी फैक्ट्रियों की नियमित जांच नहीं होती? सोनीपत में हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह उन मिलावटखोरों के लिए भी चेतावनी है, जो चंद रुपयों के लालच में हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं.
(रिपोर्ट- पवन कुमार)

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