Cross-border tunnel
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जम्मू के सांबा इलाके में बाड़ के पास संदिग्ध सुरंग मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बीएसएफ का तलाशी अभियान अभी भी जारी है. यह इलाका पाकिस्तानी सीमा से काफी करीब है. 22 अप्रैल को जम्मू के सुंजवां इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी मारे गए थे. सूत्रों का मानना है कि आतंकियों की घुसपैठ इसी सुरंग से हुई थी. इस बीच 30 जून को शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पहले बारुदी सुरंग का मिलना चौंकाने वाला है. इसे अमरनाथ यात्रा में बाधा लाने के मकसद से देखा जा रहा है. अमरनाथ यात्रा वैसे भी 1990 के बाद से आतंकियों के निशाने पर रही है.
150 मीटर लंबी है सुरंग
बीएसएफ के निरंतर प्रयासों की वजह से ही सुरंग का पता चल पाया. बीएसएफ के सैनिक काफी लंबे समय से इस क्षेत्र में एक अभियान चला रहे थे. सुरंग की स्थिति देखकर लग रहा है कि इसे हाल ही में खोदा गया है और यह पाकिस्तान की ओर से आ रही है. सुरंग की परिधि करीब 2 फीट है. यानि सुरंग ऐसे तैयार की गई थी कि इससे बड़ी आसानी से दहशतगर्द पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ कर सकें. यहां से रेत से भरे 21 बोरे भी मिले हैं. दिन में सुरंग की विस्तृत तलाशी ली जाएगी. ताजा खोदी गई सीमा पार सुरंग की ओपनिंग सीमा की बाड़ से लगभग 50 मीटर की दूरी पर है.
इस सुरंग से पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा महज 150 फीट दूर है. बॉर्डर पर बनाई गई फेंसिंग से तो महज 50 फीट दूरी है. अगर सीमा पार की बात करें तो वहां का पाकिस्तान का चमन खुर्द पोस्ट 900 मीटर दूर है और भारतीय सीमा के बॉर्डर आउटपोस्ट चक फकीरा से महज 300 मीटर दूर.
BSF पूरे इलाके में करीब 15 दिनों से एंटी टनल एक्सरसाइज चला रही थी. तभी इंटरनेशनल बॉर्डर के पास ये सुरंग दिखी. आशंका जताई जा रही है कि इस सुरंग के जरिए आतंकियों ने घुसपैठ की होगी. उसका खुलासा होते ही BSF ने फौरन मोर्चा संभाल दिया. पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया.
इससे पहले भी मिल चुकी हैं सुरंग
ये पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान की आतंकी साजिश पकड़ी गई हो. कोरोना काल में भी सीमा पार से कई साजिशों का पर्दाफाश हुआ. महज डेढ़ साल के अंदर ये 5वां मौका है जब सुरंग से आतंकियों की घुसपैठ वाली साजिश नाकाम की गई हो.
बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम को जम्मू के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार एक सुरंग का पता चला. डेढ़ साल में बीएसएफ के हाथ 5 टनल लगीं. इससे पहले 29 अगस्त 2020 को चक फकीरा पोस्ट से तीन किलोमीटर दूर बैनगलाड में एक सुरंग मिली थी. इसके बाद 22 नवंबर को सांबा बॉर्डर पर ही रिगाल के पास तलाशी अभियान के दौरान एक सुरंग मिली. जबकि जनवरी 2021 में कठुआ के हीरानगर में एक सुरंग मिली थी.
नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ‘आईबी से 150 मीटर की दूरी पर और सीमा की बाड़ से 50 मीटर की दूरी पर एक नई खोदी गई सुरंग का पता पाकिस्तानी चौकी चमन खुर्द (फियाज) के सामने लगाया गया, जो भारत की ओर से 900 मीटर की दूरी पर है.” उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत सीमा चौकी चक फकीरा से लगभग 300 मीटर और अंतिम भारतीय गांव से 700 मीटर की दूरी पर है.
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