RO Filter Scam
RO Filter Scam
दिल्ली में नकली सामान बनाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. क्राइम ब्रांच ने पुल प्रह्लादपुर इलाके में चल रही एक ऐसी फैक्ट्री और गोदाम का पर्दाफाश किया है, जहां नामी कंपनियों के नाम पर नकली RO फिल्टर तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे. छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली फिल्टर और उनसे जुड़ा सामान बरामद किया गया है.
छापेमारी में मिले 2,932 नकली RO फिल्टर
पुलिस की कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री और गोदाम से कुल 2,932 नकली RO फिल्टर बरामद किए गए. शुरुआती जांच में पता चला है कि इन फिल्टरों को नामी कंपनियों के असली उत्पाद बताकर ग्राहकों को बेचा जा रहा था. बरामद माल की संख्या को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कारोबार काफी समय से बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा था.
नामी ब्रांड के नाम पर हो रही थी ठगी
जांच में सामने आया है कि आरोपित Kent, Aquaguard और Havells जैसे मशहूर ब्रांडों के नाम और पैकेजिंग का इस्तेमाल कर नकली फिल्टर बाजार में उतार रहे थे. आम ग्राहक असली और नकली उत्पाद में अंतर नहीं कर पाते थे, जिसका फायदा उठाकर यह गिरोह मोटा मुनाफा कमा रहा था. पुलिस को मौके से सिर्फ नकली फिल्टर ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री, फिल्टर कैप, ब्रांडिंग से जुड़ी मशीनें और अन्य उपकरण भी मिले हैं. इससे साफ है कि फैक्ट्री में नकली उत्पादों को असली जैसा दिखाने के लिए पूरा सिस्टम तैयार किया गया था.
फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री मालिक को मौके से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नकली सामान की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में नकली RO फिल्टर और उससे जुड़े पार्ट्स की सप्लाई कर रहा था. आशंका है कि इस नेटवर्क से कई डीलर और सप्लायर भी जुड़े हो सकते हैं.
पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. नकली उत्पादों के खिलाफ चल रही इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं की सुरक्षा और बाजार में हो रही धोखाधड़ी रोकने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.
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