E Rickshaw
E Rickshaw
दिल्ली की सड़कों पर बढ़ती ई-रिक्शा संख्या, ट्रैफिक जाम और नियमों की अनदेखी को देखते हुए दिल्ली सरकार नई ई-रिक्शा पॉलिसी लागू करने जा रही है. 15 मई से राजधानी में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन के नियमों में बड़े बदलाव होंगे. सरकार का दावा है कि नई पॉलिसी से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, अवैध ई-रिक्शा पर रोक लगेगी और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा. दिल्ली के परिवहन मंत्री Dr. Pankaj Singh के मुताबिक अब सिर्फ ई-रिक्शा खरीद लेना ही काफी नहीं होगा. सड़क पर ई-रिक्शा चलाने के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट, ट्रांसपोर्ट विभाग की ट्रेनिंग और नए नियमों का पालन अनिवार्य होगा.
हर साल लेना होगा फिटनेस सर्टिफिकेट
नई पॉलिसी के तहत दिल्ली में चल रहे सभी ई-रिक्शा के लिए हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा. हालांकि यह नियम पहले से लागू है, लेकिन बड़ी संख्या में ई-रिक्शा मालिक फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं बनवाते.
परिवहन विभाग का कहना है कि इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि राजधानी में कितने ई-रिक्शा वैध रूप से चल रहे हैं और कितने अवैध तरीके से सड़कों पर उतर रहे हैं.
सरकार के मुताबिक कई ई-रिक्शा बिना सही दस्तावेज और तकनीकी जांच के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है. फिटनेस सर्टिफिकेट व्यवस्था सख्ती से लागू होने के बाद ऐसे वाहनों की पहचान आसान होगी.
एक व्यक्ति के नाम पर सिर्फ एक ई-रिक्शा
नई पॉलिसी का सबसे बड़ा बदलाव यह हो सकता है कि भविष्य में एक व्यक्ति अपने नाम पर एक से ज्यादा ई-रिक्शा रजिस्टर नहीं करा सकेगा. सरकार का मानना है कि इससे किराये पर चलने वाले ई-रिक्शा नेटवर्क पर रोक लगेगी. परिवहन विभाग के अनुसार दिल्ली की सड़कों पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा किराये पर चलाए जाते हैं. कई बार चालक ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे दुर्घटनाएं और जाम की समस्या बढ़ती है. सरकार का तर्क है कि जब ई-रिक्शा मालिक खुद वाहन चलाएगा तो वह नियमों का पालन ज्यादा जिम्मेदारी से करेगा.
जिसके नाम रजिस्ट्रेशन, वही चलाएगा ई-रिक्शा
नई व्यवस्था के तहत जिस व्यक्ति के नाम ई-रिक्शा रजिस्टर्ड होगा, वही उसे सड़क पर चला सकेगा. यानी किराये पर ई-रिक्शा चलाने की व्यवस्था पर रोक लगाने की तैयारी है. हालांकि सरकार कंपनियों को कुछ राहत देने पर विचार कर रही है. परिवहन मंत्री के मुताबिक अगर किसी कंपनी के नाम पर एक से ज्यादा ई-कार्ट रजिस्टर्ड हैं, तो उन्हें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में छूट मिल सकती है.
रजिस्ट्रेशन से पहले 10 दिन की ट्रेनिंग जरूरी
दिल्ली सरकार नए ई-रिक्शा चालकों के लिए ट्रेनिंग भी अनिवार्य करने जा रही है. परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह के अनुसार नया ई-रिक्शा रजिस्टर कराने से पहले ड्राइवर को ट्रांसपोर्ट विभाग से 10 दिन की ट्रेनिंग लेनी होगी. इस ट्रेनिंग में ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुरक्षा और वाहन संचालन से जुड़े जरूरी नियम सिखाए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे सड़क हादसों में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी.
दिल्ली में 2 लाख से ज्यादा ई-रिक्शा रजिस्टर्ड
फिलहाल दिल्ली में करीब 2 लाख 6 हजार ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं. राजधानी में अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए ई-रिक्शा बड़ा साधन बन चुके हैं, लेकिन बढ़ती संख्या के साथ ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ी हैं. नई पॉलिसी के जरिए दिल्ली सरकार अब ई-रिक्शा सेक्टर को संगठित करने और निगरानी व्यवस्था को सख्त बनाने की तैयारी में है.
नई पॉलिसी का क्या असर हो सकता है?
अवैध ई-रिक्शा पर रोक लग सकती है
सड़क हादसों में कमी आ सकती है
ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार होगा
किराये पर चलने वाले अनियमित ई-रिक्शा नेटवर्क पर नियंत्रण होगा
-सुशांत मेहरा की रिपोर्ट