CM Rekha Gupta (File Photo)
CM Rekha Gupta (File Photo)
दिल्ली सरकार ने आम जनता और मुख्यमंत्री के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में कई नई आईटी पहलों की शुरुआत की है, जिनका मकसद सरकारी सेवाओं और शिकायत निवारण को पूरी तरह डिजिटल बनाना है. सरकार का कहना है कि यह पहल प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन से प्रेरित है और इससे आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
नई व्यवस्था के तहत नागरिक अब अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, उसकी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं और समाधान की निगरानी भी कर सकते हैं. शिकायत सबमिट करते ही एक यूनिक रेफरेंस आईडी नंबर जेनरेट होता है, जिसके जरिए पूरी प्रक्रिया को कभी भी ऑनलाइन देखा जा सकता है.
एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी विभाग
दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और मोबाइल ऐप को एक सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में विकसित किया है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए दिल्ली नगर निगम, डीडीए, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से जुड़ी शिकायतें एक ही जगह दर्ज की जा सकेंगी. सिस्टम में पहले से विभाग और क्षेत्र की मैपिंग की गई है, जिससे शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचती है.
तय समय में समाधान
शिकायत निवारण प्रणाली में तीन स्तर बनाए गए हैं. पहले स्तर पर जन शिकायत समाधान अधिकारी, दूसरे स्तर पर अपीलीय प्राधिकारी और तीसरे व अंतिम स्तर पर अंतिम अपीलीय प्राधिकारी शामिल हैं. अगर तय समय सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होता या जवाब संतोषजनक नहीं होता, तो मामला अपने आप अगले स्तर पर भेज दिया जाएगा.
हर स्टेज पर एसएमएस अपडेट
शिकायत की प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हर स्तर पर एसएमएस के जरिए अपडेट मिलते रहेंगे. इसके अलावा नागरिक चाहें तो रिमाइंडर भी भेज सकते हैं. अगर शिकायत पर दिया गया फीडबैक नेगेटिव होता है, तो सिस्टम खुद ही शिकायत को उच्च स्तर पर आगे बढ़ा देगा.
दिल्ली सरकार ने नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए चार अलग-अलग माध्यम उपलब्ध कराए हैं. पहला ऑनलाइन पोर्टल, दूसरा मोबाइल ऐप, तीसरा कॉल सेंटर नंबर 1902 और चौथा ऑफलाइन माध्यम, जिसके तहत नागरिक सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सरकार का दावा है कि अगर किसी शिकायत पर कहीं समाधान नहीं होता, तो वह सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जा सकेगी.