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फेज चार के निर्माण के लिए दिल्ली मेट्रो ने लिया अहम फैसला, तीन नहीं एक पिलर पर बनेंगे मेट्रो स्टेशन

मेट्रो के फेज चार के लिए अधिकारियों ने एक अहम फैसला लिया है. जिसके तहत, कई एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों को एक पिलर पर बनाया जाएगा.

Delhi Metro (Photo: Unsplash) Delhi Metro (Photo: Unsplash)
हाइलाइट्स
  • मेट्रो फेज चार में एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों को एक पिलर पर बनाया जाएगा

  • पहले सभी एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों को बनाने के लिए तीन पिलर्स (खंबों) का इस्तेमाल किया जा रहा था

पुरी दिल्ली को जोड़ने के लिए तेजी से मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है. जल्द ही, मेट्रो फेज चार का काम शुरू हो जाएगा. इस फेज में मजेंटा और पिंक मेट्रो लाइन का विस्तार किया जा रहा है. मजेंटा लाइन को जनकपुरी पश्चिम से आर. के. आश्रम तक और पिंक लाइन को मौजपुर से मजलिस पार्क तक बढ़ाया जा रहा है. 

हालांकि, प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट से संबंधित एक बहुत ही अहम फैसला लिया है. हिदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेट्रो फेज चार में एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों को एक पिलर पर बनाया जाएगा. यह फैसला जगह की कमी को देखते हुए किया गया है. इसके लिए दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने इन दोनों लाइन पर 16 मेट्रो स्टेशनों को चुना है. 

अब तक बनाए जा रहे थे तीन पिलर

आपको बता दें कि पहले सभी एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों को बनाने के लिए तीन पिलर्स (खंबों) का इस्तेमाल किया जा रहा था. पहले स्टेशन के लिए तीन पिलर, एक बीच में और दो किनारों पर बनाए जा रहे थे. लेकिन इस बार जगह की कमी को देखते हुए प्रशासन ने सिर्फ एक पिलर पर स्टेशन बनाने का निर्णय लिया है. 

एक पिलर पर बनेंगे ये स्टेशन 

जनकपुरी पश्चिम से आर के आश्रम (मजेंटा लाइन विस्तार) के बीच 28.92 किमी लंबा कॉरिडोर है. इस रूट पर 09 एलिवेटेड स्टेशनों को एक पिलर पर बनाया जाएगा. जिनमें केशोपुर, पश्चिम विहार, मंगोलपुरी, पश्चिन एनक्लेव, पुष्पांजलि, दीपाली चौक, प्रशांत विहार और भलस्वा शामिल हैं. इस लाइन को साल 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है. 

वहीं, मौजपुर से मजलिस पार्क लाइन पर कुल 8 स्टेशन हैं. इस रूट को सबसे पहले 2023 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है. इस लाइन पर सात स्टेशनों को एक पिलर पर बनाया जाएगा. जिनमें यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सोनिया विहार, जगतपुर गांव, झड़ौदा माजरा और बुराड़ी शामिल हैं. 

लोगों को जाम से मिलेगी राहत 

बताया जा रहा है कि ये मेट्रो लाइन उत्तरी और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से होकर गुजर रही है और यहां बहुत ज्यादा आबादी है. ऐसे में जगह की बहुत कमी है. और मेट्रो लाइन के निर्माण के समय यातायात सुचारू रूप से चले इस पर भी ध्यान देना होगा. 

इसलिए स्टेशन का निर्माण एक पिलर पर करने का फैसला किया गया है ताकि ट्रैफिक का डायवर्जन न हो. इससे लोगों को मेट्रो के निर्माण के दौरान जाम से राहत मिलेगी.