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दंपति को सरोगेसी का झांसा देकर बंदी बना कर रख था डॉक्टर, महिला से दुष्कर्म का भी है आरोप

जहां डॉक्टर को एक तरफ भगवान का दर्जा दिया जाता है, वहीं दूसरे तरफ इंदौर से ये हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है.

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इंदौर में IVF और सरोगेसी के नाम पर एक महिला और उसके पति को आठ महीने तक बंधक बनाकर रखने, महिला से बलात्कार करने और पैदा हुए बच्चे का अपहरण किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. लव मैरिड दंपत्ति को झांसे में लेकर एक नामी डॉक्टर ने अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसा जाल बिछाया कि पीड़िता आठ महीने तक कैमरों की निगरानी में बंधक बनी रही.

कर्ज से राहत दिलाने का झांसा
पीड़ित दंपत्ति ने सबूतों सहित इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से शिकायत की है. शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए महिला थाना टीआई को जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद कार्रवाई तेज हो गई है. हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और डॉ. रूपाली राठौर के साथ दंपत्ति ने पूरी घटना पुलिस कमिश्नर के सामने रखी. 

एडवोकेट कुन्हारे के मुताबिक लव मैरिड दंपत्ति पर काफी कर्ज था. इसी दौरान उनके एक परिचित ने उन्हें एक डॉक्टर से मिलवाया और लोन सेटल करवाने का आश्वासन दिया. मुलाकात के बाद डॉक्टर ने खुद को बड़े अस्पताल का विशेषज्ञ बताते हुए IVF और सरोगेसी के नाम पर पहले विश्वास जीता.

दस्तावेज लेकर किया शोषण
डॉक्टर ने कई ब्लैंक स्टाम्प पेपर, आधार कार्ड की कॉपी और अन्य दस्तावेज ले लिए. धमकियों के दम पर पीड़िता की तीन बार IVF प्रक्रिया कराई गई, लेकिन वह असफल रही. इसके बाद आरोपी ने दबाव बनाकर महिला को इंदौर के एक प्रसिद्ध होटल ले जाकर नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ बलात्कार किया.

फ्लैट में कैद कर निगरानी
गर्भवती होने के बाद दंपत्ति को धमकाकर एक फ्लैट में कैद रखा गया, जहां CCTV कैमरों की निगरानी में उन पर लगातार नजर रखी जाती थी. पति-पत्नी की हर गतिविधि पर ऑडियो युक्त कैमरों से निगरानी की जाती थी.

आठवें महीने में गर्भ में समस्या होने पर पीड़िता ने मदरहुड हॉस्पिटल में एक पुत्र को जन्म दिया. लेकिन अस्पताल से बाहर निकलते ही आरोपी डॉक्टर और उसके साथियों ने बच्चे को जबरन छीन लिया. आरोपियों ने पति का मोबाइल फॉर्मेट कर दिया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी.

फर्जी दस्तावेज और धमकियां
बाद में दंपत्ति को बच्चे से मिलने के लिए दो बार दशहरा मैदान बुलाया गया, जहां पिस्टल दिखाकर डराया गया. पीड़िता के अनुसार आरोपी के साथियों ने फर्जी क्षतिपूर्ति समझौता, झूठे दस्तावेज और यहां तक कि बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तक तैयार करवा दिया.

दंपत्ति ने आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भागने की फिराक में है और बच्चे की जान को भी खतरा है. एडवोकेट कुन्हारे के अनुसार भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, लेकिन मजबूर महिलाओं का शोषण अभी भी जारी है. पीड़िता और उसके बच्चे की पहचान सुरक्षित रखने के लिए आरोपी डॉक्टर का नाम उजागर नहीं किया गया है. यह मामला इंदौर जैसे शहर को झकझोर देने वाला है और महिला थाना पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच में जुट गई है.

 

(रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार शर्मा)

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