Amount Deposited in PF Accounts will Increase
Amount Deposited in PF Accounts will Increase
PF Account Interest Update: यदि आप नौकरी करते हैं और आपका प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) यानी PF कटता है तो आपके लिए खुशखबरी है. जी हां, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) के सदस्यों के पीएफ खातों में जमा रकम में बढ़ोतरी होने वाली है. ईपीएफओ ने संगठन के सदस्यों के पीएफ खातों में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज जमा करने का आदेश दिया है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि 8.25% सालाना ब्याज 15 जुलाई 2026 तक सदस्यों के खातों में क्रेडिट हो जाएगा. इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश जारी किए गए हैं.
आपको मालूम हो कि ईपीएफओ ने CITES 2.01 नाम से एक नया सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम लागू किया है. इसी सिस्टम के जरिए पीएफ खाताधारकों के के खातों में 1.44 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा ब्याज की रकम जमा की जाएगी. पीएफ खाताधारक 15 जुलाई 2026 तक अपनी ऑनलाइन पासबुक में क्रेडिट की गई ब्याज की रकम को देख सकेंगे.आपको मालूम हो कि पहले यह राशि सितंबर-अक्टूबर के दौरान जमा की जाती थी. अब नए सेंट्रलाइज्ड आईटी प्लेटफॉर्म के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया ऑटोमेटेड हो गई है, जिससे प्रोसेसिंग का समय कम हो गया है.
कितना मिलेगा ब्याज
आपको मालूम हो कि प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वालों के लिए पीएफ एक अनिवार्य सरकारी बचत योजना है. पीएफ में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा कंट्रीब्यूट करता है, उधर नियोक्ता कंपनी भी इतना ही योगदान देती है. एम्प्लॉयर के कंट्रीब्यूशन में से 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है. ईपीएफ अकाउंट में जमा रकम पर ब्याज मिलता है. यदि आपके पीएफ खाते में एक लाख रुपए की राशि जमा है तो आपको 8250 रुपए ब्याज मिलेगा.
ऐसे जान सकते हैं पीएफ खाते में जमा हुआ ब्याज
आपको मालूम हो कि जॉब करने वाले लोग पीएफ खाते में जमा राशि को कई तरह से चेक कर सकते हैं. यदि आपका UAN और मोबाइल नंबर ईपीएफओ के साथ रजिस्टर्ड है तो आप सिर्फ एक SMS भेजकर अपने खाते की जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा आप Umang App, EPFO E-Service Portal, Missed Call Service के जरिए पीएफ का स्टेटस जांच सकते हैं.
SMS भेजकर ऐसे जानें बैलेंस
SMS के जरिए PF खाते का बैलेंस जांचने के लिए आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के मैसेज बॉक्स में जाकर EPFOHO और UAN फिर भाषा लिखकर मोबाइल नंबर 7738299899 पर SMS करना होगा. आप इसको इस उदाहरण से आसानी से जान सकते हैं, आप इंग्लिश में अपने EPF की खाते की डिटेल्स पाने के लिए EPFOHO UAN ENG टाइप करेंगे. इसके बाद मैसेज के जरिए आपके पीएफ खाते के बैलेंस की जानकारी आपको मिल जाएगी.
ऑनलाइन ऐसे चेक करें बैलेंस
ऑनलाइन पीएफ बैलेंस चेक करने के लिए आप https://passbook.epfindia.gov.in/MemberPassBook/Login को अपने मोबाइल या लैपटॉप के ब्राउजर में ओपन करें. फिर UAN नंबर और पासवर्ड डाले. इसके बाद कैप्चा कोड भरें. ऐसा करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा. इस पेज पर ड्रॉप डाउन लिस्ट से अपना पीएफ नंबर सेलेक्ट करें. आपके सामने पीएफ अकाउंट की डिटेल्स खुल जाएगी.
UMANG App में करें चेक
पीएफ बैलेंस चेक करने के लिए आपको UMANG App डाउनलोड करना होगा. इसके बाद लॉगइन करके ऑल सर्विस सेक्शन में जाएं. फिर EPFO सर्च करके, एम्प्लॉई सेंट्रिक सर्विसेस ऑप्शन चुनें. इतना करने के बाद दिख रहे View Passbook विकल्प पर क्लिक करें. फिर अपना UAN नंबर डालें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालें. आपके सामने बैलेंस दिख जाएगा.
मिस्ड कॉल से पीएफ बैलेंस ऐसे करें चेक
आप मिस्ड कॉल करके भी पीएफ खाते में मौजद रकम के बारे में जान सकते हैं. इसके लिए आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 नंबर मिलाएं. दो घंटी के बाद ऑटोमटिक कॉल कट हो जाएगी. इस मिस्ड कॉल प्रोसेस के बाद आपके मोबाइल पर SMS के जरिए पीएफ खाते का बैलेंस बता दिया जाएगा.
जॉब बदलने वालों और पेंशन पाने वालों के लिए भी गुड न्यूज
ईपीएफओ नई व्यवस्था में बार-बार नौकरी यानी जॉब बदलने वाले कर्मचारियों के लिए भी गुड न्यूज है. अब आप नौकरी बदलते हैं तो आधार से जुड़े UAN वाले PF खातों का ट्रांसफर अपने आप हो जाएगा. इसके लिए अलग से आवेदन करने या पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी. इससे क्लेम फंसने की परेशानी दूर होगी और पूरा पैसा सुरक्षित रहेगा. नई व्यवस्था का फायदा EPS पेंशनधारकों को भी मिलेगा. वे अब देश के किसी भी EPFO ऑफिस में लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे और अन्य सर्विसेस ले सकेंगे. CPPS लागू होने से पेंशन अब भारत के किसी भी बैंक खाते में प्राप्त की जा सकेगी. अब आप एक सिंगल डिजिटल इंटरफेस के जरिए अपनी पासबुक, क्लेम स्टेटस और पेंशन सर्विस रिकॉर्ड को आसानी से ट्रैक कर सकेंगे. अब ईपीएफओ सदस्य अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी हिस्सा आसानी से निकाल सकेंगे. इतना ही नहीं अब अंतिम निपटान के दौरान ब्याज की गणना भुगतान की मंजूरी की तारीख तक की जाएगी. पहले ब्याज केवल पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही जोड़ा जाता था.