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Toll Tax New Update: 20 KM के दायरे में रहने वालों को बार-बार नहीं देना होगा टोल... लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

केंद्र सरकार टोल कलेक्शन सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इसके तहत टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए डिजिटल ई-पास सुविधा शुरू करने की तैयारी है. साथ ही बिना बैरियर वाले नए टोल सिस्टम को भी बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

Toll Tax New Update Toll Tax New Update

देशभर में टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों और बार-बार टोल टैक्स चुकाने की परेशानी से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है. केंद्र सरकार टोल कलेक्शन सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इसके तहत टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए डिजिटल ई-पास सुविधा शुरू करने की तैयारी है. साथ ही बिना बैरियर वाले नए टोल सिस्टम को भी बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

स्थानीय लोगों को मिलेगा डिजिटल ई-पास
सरकार टोल प्लाजा से करीब 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए विशेष डिजिटल पास जारी करने की योजना बना रही है. यह पास सीधे FASTag से लिंक होगा. इसके जरिए स्थानीय निवासी बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के टोल प्लाजा से आसानी से गुजर सकेंगे. जानकारी के मुताबिक, लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मासिक और वार्षिक दोनों तरह के पास उपलब्ध कराए जा सकते हैं. सरकार इन पासों की कीमत भी किफायती रखने पर विचार कर रही है. इससे रोजाना टोल पार करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

बिना बैरियर के कटेगा टोल टैक्स
केंद्र सरकार मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक को तेजी से बढ़ावा दे रही है. इस तकनीक में टोल प्लाजा पर पारंपरिक बैरियर की जरूरत नहीं होती. सड़क पर लगाए गए हाईटेक कैमरे और सेंसर वाहन के FASTag को स्कैन करके अपने आप टोल शुल्क काट लेते हैं. इस प्रक्रिया में वाहन को रुकना नहीं पड़ता और कुछ ही सेकंड में पूरा भुगतान हो जाता है. यदि किसी वाहन का टोल भुगतान नहीं हो पाता है तो सिस्टम स्वतः नोटिस जारी करने में भी सक्षम होगा. इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और यात्रियों का समय बचेगा.

FASTag से जुड़ा होगा पूरा सिस्टम
नई व्यवस्था में डिजिटल पास और FASTag को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा. स्थानीय निवासियों की पात्रता की जांच डिजिटल माध्यम से की जाएगी. सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें विशेष पास जारी किया जाएगा, जिससे वे निर्धारित टोल प्लाजा पर आसानी से आवागमन कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि इससे टोल वसूली प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी. साथ ही गलत तरीके से मिलने वाली छूट और अनधिकृत सुविधाओं पर भी रोक लगाई जा सकेगी.

कई राज्यों में लागू होगी नई तकनीक
सरकार हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में MLFF तकनीक लागू करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है. यह कदम देश के हाईवे नेटवर्क को और आधुनिक बनाएगा. इससे यात्रियों का सफर आसान होगा, ट्रैफिक जाम कम होगा और टोल कलेक्शन सिस्टम पहले से अधिक तेज और प्रभावी बन सकेगा.

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