Ghaziabad Municipal Corporation
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गाजियाबाद में गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक आवागमन करने वाले लोगों को जाम से राहत दिलाने और शहर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम एक महत्वपूर्ण परियोजना पर काम आगे बढ़ा रहा है. साउथ साइड औद्योगिक क्षेत्र की रेलवे लाइन से एबीईएस कॉलेज होते हुए शाहबेरी तक 1752 मीटर लंबे नाले को पूरी तरह कवर कर उसके ऊपर 12 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी. शासन से इस परियोजना के लिए 131 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है. नाले के ऊपर सड़क बनाने की यह योजना क्षेत्र में यातायात की मौजूदा समस्या के समाधान के लिहाज से अहम मानी जा रही है. इससे एनएच-9 से शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो सकेगा.
वर्तमान में एनएच-9 से शाहबेरी की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है. इस रास्ते से क्रॉसिंग रिपब्लिक और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं. सड़क के एक ओर आवासीय इमारतें हैं, जबकि दूसरी ओर करीब 12 मीटर चौड़ा नाला होने के कारण मौजूदा सड़क का विस्तार करना आसान नहीं है. इसी समस्या को देखते हुए नगर निगम ने नाले को कवर कर उसके ऊपर सड़क बनाने की योजना तैयार की है. इससे सीमित जगह में सड़क की उपलब्धता बढ़ेगी और मौजूदा मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी.
1752 मीटर होगी सड़क
परियोजना के तहत नाले को पक्का कर पूरी तरह ढका जाएगा और उसके ऊपर 12 मीटर चौड़ी सड़क विकसित की जाएगी. इसकी लंबाई 1752 मीटर होगी. खास बात यह है कि सड़क के नीचे बने नाले की सफाई और रखरखाव के लिए भी व्यवस्था की जाएगी. नाले तक पहुंच बनाने के लिए डक्ट प्रस्तावित हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर सफाई का काम किया जा सकेगा. इससे जल निकासी व्यवस्था को बनाए रखने के साथ खुले नाले से जुड़ी समस्याओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है.
शासन से मिली मंजूरी
नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी के अनुसार, परियोजना को शासन से मंजूरी मिल चुकी है. शासन से धनराशि जारी होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा. उधर, इसी मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास सड़क संकरी होने से बॉटलनेक की स्थिति बनती है. इसे दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. नाले के ऊपर नई सड़क बनने और संकरे हिस्से की समस्या दूर होने से शाहबेरी तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि गाजियाबाद में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है. शहर के कई बड़े नालों पर पहले निर्माण नहीं हो पाया था, लेकिन अब उनकी स्थिति सुधारने और नई जरूरतों के अनुरूप निर्माण कराने पर ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शाहबेरी में नाले को कवर कर उसके ऊपर सड़क बनाने की परियोजना जल निकासी और यातायात, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है. इससे क्षेत्र के लोगों के साथ गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है.
ड्रेनेज व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने का अवसर
महापौर के मुताबिक, नगर निगम का प्रयास केवल नालों का निर्माण कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की जल निकासी की समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशना भी है. इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार काम किया जा रहा है. शाहबेरी की परियोजना में नाले के ऊपर सड़क विकसित करने से एक ओर यातायात के लिए जगह उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर ड्रेनेज व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने का अवसर मिलेगा.
84 करोड़ रुपये की लागत से नाला बनाने की योजना
शाहबेरी परियोजना के साथ कवि नगर आरडीसी फ्लाईओवर से जैन मंदिर होते हुए विवेकानंद नगर तक करीब 84 करोड़ रुपये की लागत से नाला बनाने की योजना को भी मंजूरी मिली है. महापौर के अनुसार, इस क्षेत्र का पुराना ईंटों से बना नाला खराब स्थिति में है. इसके निर्माण से जल निकासी व्यवस्था बेहतर करने में मदद मिलेगी.
मोरटा गांव में जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए बिजलीघर के तालाब से मेरठ रोड, भट्टा नंबर-5 रोड होते हुए राजनगर एक्सटेंशन ड्रेन तक नाला बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. करीब 68 करोड़ रुपये की इस योजना में 1080 मीटर नाला कवर और 2220 मीटर खुला बनाने का प्रस्ताव है. इसकी मंजूरी अभी शासन स्तर पर अपेक्षित है.
महापौर ने कहा कि स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए इस परियोजना को भी स्वीकृत कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे. नगर निगम की इन योजनाओं में शाहबेरी का प्रोजेक्ट इसलिए खास है, क्योंकि इसमें जल निकासी के लिए इस्तेमाल होने वाली जगह के ऊपर सड़क विकसित की जाएगी. इससे शहर के ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने के साथ यातायात की जरूरतों को भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.
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