government schemes lakhpati didi yojana
government schemes lakhpati didi yojana
गांव की महिलाओं के लिए अपना काम शुरू करने या पहले से चल रहे छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है. केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना का मकसद ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह यानी SHG से जुड़ी महिलाओं को कारोबार के लिए वित्तीय मदद, कौशल प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ी सहायता दी जाती है. पात्र महिला उद्यमियों को बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे 5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन मिल सकता है.
लखपति दीदी योजना क्या है?
लखपति दीदी योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के DAY-NRLM से जुड़ी पहल है. इसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सालाना घरेलू आय को कम से कम एक लाख रुपये से ऊपर ले जाना है. इसके लिए महिलाओं को अपना स्वरोजगार शुरू करने या मौजूदा काम को बढ़ाने में मदद दी जाती है.
5 लाख रुपये तक का बिना गारंटी लोन
योजना के तहत व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को 5 लाख रुपये तक का कोलैटरल फ्री लोन उपलब्ध कराया जाता है. यानी इसके लिए किसी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती. सिलाई केंद्र, किराना स्टोर, डेयरी या दूसरे कुटीर उद्योग जैसे काम शुरू करने के लिए इस वित्तीय सहायता का इस्तेमाल किया जा सकता है. लोन की अवधि 5 साल तक बताई गई है.
ब्याज में भी मिलती है राहत
सिर्फ लोन ही नहीं, योजना में ब्याज से जुड़ी राहत का भी प्रावधान है. व्यक्तिगत लोन में 1.5 लाख रुपये तक की राशि पर 3 साल के लिए ब्याज सब्सिडी दी जाती है. वहीं SHG स्तर पर 3 लाख रुपये तक के लोन में बैंक की ब्याज दर और 7 प्रतिशत के बीच का अंतर सरकार की ओर से ब्याज सब्सिडी के जरिए कवर किया जाता है. महिला स्वयं सहायता समूह अपने कारोबारी प्रोजेक्ट के लिए बैंक से 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी लोन भी ले सकते हैं.
सिर्फ पैसे नहीं, काम सीखने का भी मौका
इस योजना में महिलाओं को अलग-अलग कामों की मुफ्त ट्रेनिंग भी दी जाती है. इसमें ड्रोन चलाना, एलईडी बल्ब बनाना, जैविक खेती, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसी गतिविधियां शामिल हैं. इसके अलावा जनधन खाता रखने वाली SHG महिला सदस्यों को 5,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिल सकती है.
कौन महिलाएं ले सकती हैं लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए महिला का ग्रामीण क्षेत्र की स्थायी निवासी होना जरूरी है. उसकी उम्र 18 से 50 साल के बीच होनी चाहिए. साथ ही महिला का अपने गांव के सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य होना जरूरी है.
अगर किसी गांव में SHG नहीं है तो 10 से 12 महिलाएं मिलकर नया स्वयं सहायता समूह बना सकती हैं. योजना का फोकस खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और कम आय वाले ग्रामीण परिवारों की महिलाओं पर है.
आवेदन के लिए कौन से कागज चाहिए?
आवेदन के समय कुछ जरूरी दस्तावेज देने होंगे. इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, सक्रिय मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो शामिल हैं.
ऐसे कर सकती हैं आवेदन
इसके लिए महिला अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय, ब्लॉक विकास कार्यालय या महिला स्वयं सहायता समूह से संपर्क कर सकती है. वहां समूह सखी या ब्लॉक मिशन मैनेजर को अपने हुनर और बिजनेस आइडिया की जानकारी देनी होगी.
इसके बाद आवेदन फॉर्म लेकर उसमें जरूरी जानकारी भरनी होगी और दस्तावेज लगाने होंगे. तैयार फॉर्म स्वयं सहायता समूह के माध्यम से संबंधित बैंक, जैसे ग्रामीण या राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा किया जाता है. लोन की मंजूरी बैंक की प्रक्रिया के अनुसार होती है. लोन स्वीकृत होने के बाद संबंधित आजीविका के काम के लिए सरकारी प्रशिक्षण केंद्र में मुफ्त ट्रेनिंग भी दी जाती है. योजना की विस्तृत गाइडलाइन और नई जानकारी के लिए सरकार के लखपति दीदी पोर्टल पर भी जाया जा सकता है.
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