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Kannauj: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी करने वाला दूल्हा बोला, दोबारा बारात लाऊंगा और दहेज के साथ विदाई करवा लेकर जाऊंगा

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी करने वाला दूल्हा नहीं हुआ शादी से संतुष्ट. चार दिन बाद छोड़ आया दुल्हन को उसके घर. करने लगा 1 लाख रुपए और बाइक की डिमांड, तब लेकर जाएगा वापस.

Kannauj Police Station Kannauj Police Station

सरकार द्वारा सामूहिक विवाह का आयोजन इस मकसद से किया जाता है, कि लड़की के परिवार वालों पर बोझ न पड़े और उनकी लड़की की शादी कम खर्चे में हो जाएं. इस तरह के आयोजन उन परिवारों के लिए होते हैं, जो दहेज और महंगी शादी नहीं कर सकते हैं. लेकिन कन्नौज में एक ऐसा मामला सामने आया जहां दूल्हे ने सामूहिक विवाह में शादी तो की, लेकिन दहेज को लेकर पूरी तरह खुश नहीं हुआ.

बारात लाऊंगा, दहेज के साथ दुल्हन ले जाऊंगा

कन्नौज में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक दूल्हे ने शादी की. लेकिन वह शादी से संतुष्ट नहीं हुआ. जिसके बाद वह शादी के केवल चार दिन बाद दुल्हन को मायके छोड़ गया. साथ ही कहा कि 'मैं बारात लेकर आऊंगा और दहेज के साथ तुम्हारी विदाई कराकर, फिर अपने घर लाऊंगा'.

मुंह खोलकर मांगी बाइक और नगदी

पंचमपुरवा निवासी कन्हैया लाल की पुत्री शीतला देवी की शादी सामूहिक विवाह में  कन्नौज के निवासी देवेंद्र पुत्र रामलखन के साथ हुई थी. उन्होंने कहा कि उसके पिता बेहद गरीब है. जिसकी वजह से उनके पिता और देवेंद्र के परिवार की सहमती से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पंजीकरण करवाया था. जिसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में देवेंद्र के साथ शादी हुई थी. 

इस विवाह से देवेंद्र शादी के चार दिन बाद यह कहकर उसे मायके छोड़ गया कि मैं इस शादी से संतुष्ट नहीं हूं. साथ ही कहा कि दोबारा बारात लेकर आऊंगा और दहेज के साथ विदाई कराकर घर वापस लाऊंगा. साथ ही उसने 1 लाख रुपए नगद और एक मोटरसाइकिल की मांग रखी है. जिस पर शीतला देवी ने अपनी गरीबी का हवाला दिया, लेकिन देवेंद्र नहीं माना.

पुलिस ने नहीं सुनी, मामला पहुंचा कोर्ट

मामले की गुहार शीतला देवी ने जब पुलिस से की तो वहां कोई सुनवाई न होने के बाद उसने कोर्ट की शरण ली. कोर्ट के आदेश के बाद सदर कोतवाली में शीतला देवी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिक की दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.