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दिवानगी हो तो ऐसी...रांची के हेमंत के पास है ऑटोग्राफ का कलेक्शन, मदर टेरेसा से लेकर अटल बिहारी का है हस्ताक्षर

रांची के इस शख्स ने अपनी अलग पहचान बनाई है. इन के पास 500 से अधिक सेलिब्रिटी और कई अलग-अलग क्षेत्र के लीडर के हस्ताक्षर है. जिसमें से मदर टेरेसा, अटल बिहारी वाजपेई, रतन टाटा जैसे हस्तियां शामिल हैं.

रांची के हेमंत के पास है ऑटोग्राफ का कलेक्शन रांची के हेमंत के पास है ऑटोग्राफ का कलेक्शन
हाइलाइट्स
  • 1969 में शुरू हुआ था हस्ताक्षर लेने का सिलसिला

  • ऑटोग्राफ लेने में उनकी पत्नी करती हैं मदद

झारखंड के राँची में HEC से रिटायर्ड अधिकारी हेमंत गुप्ता ऑटोग्राफ के शानदार कलेक्शन के लिए पूरे झारखंड़ में अपनी अलग पहचान बना चुके है. उनकी ये हॉबी कई मायने में उनको एक अलग शख्सियत की पहचान देती है. ऑटोग्राफ इकट्ठा करने के दौरान कई खट्टी मीठी अनुभव को भी इन्होंने सहेज कर रखा था. हेमंत ने अपनी जीएनटी के साथ अपनी उन यादों को शेयर किया है.

1969 में शुरू हुआ था हस्ताक्षर लेने का सिलसिला
अभी के नए दौर में सेलिब्रिटी के साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ जाती है. लेकिन रांची के इस शख्स ने अपनी अलग पहचान बनाई है. इन के पास 500 से अधिक सेलिब्रिटी और कई अलग-अलग क्षेत्र के लीडर के हस्ताक्षर है. जिसमें से मदर टेरेसा, अटल बिहारी वाजपेई, रतन टाटा जैसे हस्तियां शामिल हैं. इन्होंने ऑटोग्राफ (हस्ताक्षर) का कलेक्शन अपनी डायरी में यादों के तौर पर संजोकर रखा है. इन्हें ये शौक 1969 से हुआ और ऑटोग्राफ लेने का सिलसिला तब से शुरू हो गया, जो अभी तक बरकरार है. हेमंत गुप्ता बताते हैं कि जब वो रतन टाटा से ऑटोग्राफ लेने गए थे तो उन्होंने उनकी तरफ देखा और बाएं हाथ से हस्ताक्षर किए थे.

ऑटोग्राफ लेने में उनकी पत्नी करती हैं मदद
उनकी पत्नी जो शिक्षा के क्षेत्र से आती है. वो भी कई बार हेमंत की मदद खास शख्सियत से ऑटोग्राफ पाने में करती है. उन्होंने भूपेन हजारिका के साथ जुड़े अपने संस्मरण बताए. साथ ही धोनी से जुड़े यादों को भी ताज़ा किया. उन्होंने बताया कि कलाकार कितने सहज और हम्बल हैं. अपनी कला के अलावा ताम-झाम से कोई मतलब उनका नहीं होता था. राहत इंदौरी समेत कई शायरों ने तो बाकायदा कुछ पंक्तियां लिखकर ऑटोग्राफ दिया है. कलेक्शन और अनुभव का ऐसा मेल हेमंत गुप्ता के पास है कि वाकई उसे सुनने में भी मज़ा आता और ऑटोग्राफ का कलेक्शन देखने मे भी.

ऑटोग्राफ लेने के लिए कई शहरों में घूम चुके हैं हेमंत
हेमंत गुप्ता हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन मैं अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे. जब इन्हें मौका मिलता तब किसी सेलिब्रिटी के आने की सूचना पर वहां  दिन भर इंतजार कर हस्ताक्षर लेकर ही लौटते थे. स्कूल के समय से ही हस्ताक्षर संग्रह करने का एक अलग जुनून उसके अंदर था. ऑटोग्राफ लेने के लिए हेमंत झारखंड के कई जिलों में जा चुके हैं, तो वहीं दिल्ली मुंबई कोलकाता कई ऐसी जगह हैं जो ऑटोग्राफ लेने के लिए पहुंच जाते हैं.

(सत्यजीत कुमार की रिपोर्ट)