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Hyderabad News: फोटोकॉपी की दुकान को बनाया फर्जीवाड़े का अड्डा, आधार-पैन में करता बदलाव... चार्ज को जान हो जाएंगे हैरान

हैदराबाद में पुलिस ने फर्जी आधार और PAN कार्ड बनाने के आरोप में 36 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. सातवीं पास आरोपी 300 से 1,000 रुपये लेकर आधार और PAN कार्ड में फोटो, नाम, जन्मतिथि और पते जैसी जानकारियां बदल देता था.

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फर्जी आधार-PAN, लैपटॉप और 60 कार्ड बरामद. फर्जी आधार-PAN, लैपटॉप और 60 कार्ड बरामद.

आधार कार्ड और पैन कार्ड आज के समय में सबसे जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं. बैंक में खाता खुलवाने से लेकर नौकरी पाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक, इनकी जरूरत पड़ती है. लेकिन क्या हो अगर कोई पैसे लेकर इन जरूरी दस्तावेजों में मनचाहा बदलाव करने लगे? 

ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला हैदराबाद से सामने आया है. यहां पुलिस ने 36 साल के एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो महज 300 से 1,000 रुपये लेकर आधार और पैन कार्ड में फर्जी बदलाव करता था. हैरानी की बात यह है कि आरोपी केवल सातवीं कक्षा तक पढ़ा है.

फोटोकॉपी की दुकान बनी फर्जीवाड़े का अड्डा

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान सीएच महादेव के रूप में हुई है. वह हैदराबाद के बुडवेल इलाके में 'कविता ए टू जेड ऑनलाइन सर्विसेज' नाम से जेरॉक्स सेंटर चलाता था. इसी दुकान की आड़ में वह लोगों के पहचान पत्रों में गलत तरीके से बदलाव करता था.

आरोपी ने इस काम के लिए अपने पास खास सॉफ्टवेयर रखा हुआ था. इसकी मदद से वह आधार और पैन कार्ड में नाम, फोटो, जन्मतिथि और घर का पता बदल देता था. पुलिस के अनुसार, वह अपने घर से भी इस पूरे काम को अंजाम दे रहा था.

सिर्फ 300 रुपये था चार्ज

जांच में सामने आया कि आरोपी ने आधार और पैन कार्ड में बदलाव करने के लिए अलग-अलग कीमत तय कर रखी थी. अगर किसी ग्राहक को केवल आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलवानी होती थी, तो वह इसके लिए 300 रुपये लेता था.

वहीं, अगर किसी को कार्ड में नाम, फोटो, जन्मतिथि और पता जैसी सभी जानकारियां बदलवानी होती थीं, तो वह 700 से 1,000 रुपये तक वसूलता था. इस तरह आरोपी कम पैसों में लोगों के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार कर रहा था.

नौकरी-सरकारी योजनाओं में हो रहे फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल

पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि आरोपी से फर्जी दस्तावेज बनवाने वाले लोग इनका इस्तेमाल कई जगहों पर कर रहे थे. कुछ लोग हैदराबाद के आसपास की फैक्ट्रियों में प्राइवेट नौकरी पाने के लिए बदले हुए आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे.

इसके अलावा, इन दस्तावेजों की मदद से मोबाइल फोन के सिम कार्ड लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की बात भी सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस काम में कितने लोग शामिल थे और कितने लोगों ने इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया.

छापेमारी में 60 आधार कार्ड और लैपटॉप बरामद

पुलिस को जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली, तो शमशाबाद जोन टास्क फोर्स और पहाड़ीशरीफ पुलिस ने मिलकर आरोपी के ठिकाने पर छापा मारा. इस दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. छापेमारी में पुलिस को 60 फर्जी या बदले हुए आधार कार्ड और दो पैन कार्ड मिले. इसके अलावा एक लैपटॉप, प्रिंटर, लैमिनेशन मशीन, मोबाइल फोन और 5,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए.

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की जांच के लिए पहाड़ीशरीफ पुलिस के हवाले कर दिया गया है. अब पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने आरोपी से फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाए थे. पुलिस इस मामले से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.