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सोशल मीडिया पर डालते थे हथियार के साथ फोटो, पुलिस पहुंची पिस्तौल की तलाश में, तो ड्राइवर के घर से हाथ लगे 3 करोड़

प्रदेश में जो लोग सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो डाल रहे हैं, उनके घर पुलिस दबिश दे रही है. ऐसे ही एक मामले में एक डाइवर के घर तलाशी के दौरान 3 करोड़ बरामद किए गए. मामले में परिवार का कहना है कि रकम और अलमारी दोनों उनकी नहीं बल्कि एक रिश्तेदार की है.

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बरामद नगदी ले जाते हुए बरामद नगदी ले जाते हुए

मध्यप्रदेश के सागर में रविवार को पुलिस की एक कार्रवाई उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब एक युवक के घर हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को बंदूक तो नहीं मिली, लेकिन अलमारी के अंदर से करोड़ों रुपए की नकदी बरामद हो गई. अलमारी से एक-दो नहीं, बल्कि नोटों से भरे चार बैग मिले. शुरुआती गिनती में नकदी करीब 3 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है.

रकम इतनी ज्यादा थी कि नोटों की गिनती के लिए पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक करेंसी काउंटिंग मशीन तक बुलानी पड़ी. दोपहर बाद शुरू हुई कार्रवाई देर रात करीब 12 बजे तक चलती रही. पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि बरामदगी और नोटों की गिनती की प्रक्रिया रिकॉर्ड में रहे.

तलाशी के दौरान बदली कार्रवाई

मामला सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा इलाके का है. पुलिस के मुताबिक, सागर पुलिस सोशल मीडिया पर ऐसे प्रोफाइल की स्क्रीनिंग कर रही है, जिनमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पिस्तौल, चाकू या अन्य हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करते हैं. इसी स्क्रीनिंग के दौरान दो सोशल मीडिया प्रोफाइल पुलिस की नजर में आए. इनमें पिस्तौल के साथ फोटो मिलने पर पुलिस ने दोनों मामलों में कार्रवाई शुरू की.

इसी क्रम में गोपालगंज थाना पुलिस सौरभ अहिरवार के घर पहुंची थी. पुलिस टीम का मकसद सोशल मीडिया पर सामने आई पिस्तौल की तस्वीर की तस्दीक करना और घर की तलाशी लेना था. पुलिस हथियार तलाश रही थी, लेकिन तलाशी के दौरान एक लॉक अलमारी ने पूरी कार्रवाई की दिशा ही बदल दी.

परिवार का कहना, नहीं है चाबी

परिवार का कहना था कि चाबी उनके पास नहीं है. इसके बाद पुलिस ने पंचों की मौजूदगी में अलमारी खुलवाई. अलमारी खुलते ही उसके अंदर रखा एक बैग दिखाई दिया. जब पुलिस ने बैग खोला तो उसमें बड़ी मात्रा में नोट भरे हुए थे. इसके बाद पुलिस ने अलमारी की तलाशी आगे बढ़ाई तो कुल चार बैग में नकदी मिली.

नोटों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि मौके पर ही गिनती करना आसान नहीं था. इसके लिए करेंसी काउंटिंग मशीन मंगाई गई. पुलिस की मौजूदगी में नोटों की गिनती शुरू हुई और देर रात तक कार्रवाई चलती रही. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक बैग से ही करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपए मिलने की बात सामने आई, जबकि चारों बैगों में मिली रकम को मिलाकर कुल नकदी करीब 3 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है.

'रकम और अलमारी हमारी नहीं'

पुलिस पूछताछ में परिवार की ओर से दावा किया गया है कि अलमारी और उसमें रखा पैसा उनका नहीं है. परिजनों के मुताबिक, यह रकम उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है, जो करीब 8-9 महीने पहले यह पैसा यहां रखकर गए थे. परिवार ने बताया कि रमेश अहिरवार भोपाल के चूना भट्टी इलाके में रहते हैं और PWD में इंजीनियर बताए जा रहे हैं.

हालांकि, पुलिस परिवार के इस दावे को अभी सच नहीं मान रही है. रकम के असली मालिक, सोर्स और इतने लंबे समय से नकदी घर में रखे जाने के कारणों की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि रकम से संबंधित कोई दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण मौजूद हैं या नहीं.

कई विभागों को दी पुलिस ने रकम की जानकारी

कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की. कुछ अन्य नाम सामने आने को लेकर भी सवाल किए गए, जिस पर पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है. 

पुलिस के मुताबिक, फिलहाल प्राथमिकता बरामद नकदी की जब्ती की प्रक्रिया पूरी करना है. इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित विभागों और एजेंसियों को दी जाएगी. आयकर और राजस्व विभाग समेत अन्य संबंधित एजेंसियां भी रकम के स्रोत की जांच कर सकती हैं.