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Good News: Indian Railway में हर मिनट होंगी 1 लाख Ticket Booking, किया जा रहा System Upgrade... जानें क्या है खास

देश में रेलवे के बेहतर संचालन के लिए पीआरएस को अपग्रेड किया जा रहा है. जिससे टिकट बुकिंग की रफ्तार में इजाफा होगा. अब टिकट बुकिंग 4 गुना तेज़ रफ्तार से होगी. साथ ही नॉन एसी कोच की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा.

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हर साल देश में करोड़ों की संख्या में लोग रेलवे से सफर करते हैं. बहुत ज्यादा लोग तो ऐसे भी हैं, जो अपनी सीट की बुकिंग काफी पहले ही कर देते हैं, ताकि उन्हें आगे चलकर परेशानी का सामना न करना पड़े. रेलवे में सीट बुकिंग को लेकर त्योहारी मौसम के दौरान काफी मारामारी रहती है. बेशक रेलवे एक सुरक्षित तरीका है सफर का, लेकिन टिकट का न मिल पाना जैसे कई कारण लोगों को मजबूर कर देते हैं कि वह किसी तरह कोच में घुसकर असुरक्षित तरीके से सफर करें.

त्योहारी मौसम के दौरान रेल की टिकट बुक करना लगभग पहाड़ तोड़ने के बराबर ही होता है. रिजर्वेशन के लिए तो पहले ही महीने भर पहले बुकिंग करानी पड़ती है. इसके अलावा रेलवे का बुकिंग सिस्टम ऐसा है कि कई बार सर्वर इस तरह डाउन हो जाते हैं कि लोग घंटों कतार में लगे रहते हैं, केवल बुकिंग करवाने के लिए. लेकिन अब इसका तोड़ निकाला गया है. अब बुकिंग के पूरे सिस्टम को एक नया रूप दिया जाएगा.

कैसा होगा नया रूप?
भारतीय रेलवे द्वारा टिकट बुकिंग के लिए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) का अभी तक इस्तेमाल होता था. लेकिन अब इसे लेटेस्ट तकनीक के साथ अपग्रेड करने की तैयारी चल रही है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जारकारी दी कि रेलवे, सेंट्रल रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम के जरिए पीआएस को पूरी तरह एक नया रूप दिया जाएगा. इसमें सिस्टम के हार्डवेयर से लेकर सॉफ्टवेयर हर एक चीज़ को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के अपग्रेड किया जाएगा. साथ ही अब काम क्लाउड बेसिस पर होगा. 

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क्या है क्लाउड, कैसे मिलेगा फायदा
क्लाउड बेसिस से मतलब है कि अब सर्वर किसी कमरे में नहीं बल्कि क्लाउड यानि एक प्रकार से वर्चुअल होगा. जब किसी काम को क्लाउड बेसिस पर किया जाता है तो उससे उस काम को करने की रफ्तार में काफी इज़ाफा हो जाता है. साथ ही किसी भी जगह बैठ सर्वर में आई दिक्कत को ठीक किया जा सकता है. साथ ही आम तौर पर क्लाउड सर्वर स्लो नहीं पड़ता. 

इसका फायदा यात्रियों को इस प्रकार होगा कि रेलवे टिकट की बुकिंग रफ्तार 4 गुना बढ़ जाएगी. यानि जहां अभी करीब एक मिनट में 25 हज़ार टिकट ही बुक हो पाती है, तो अपग्रेड के बाद प्रति मिनट एक लाख टिकट बुक हो पाएंगी. इस तेज रफ्तार के पीछे का कारण क्लाउड और सिस्टम अपग्रेड है.

टिकट बुकिंग में रफ्तार
अश्विणी वैश्णव ने बताया कि रेलवे ने हाल ही में 'रेलवन' ऐप लॉन्च किया है. इस ऐप के जरिए लोग रिजर्वड और अनरिजर्वड दोनों तरह के टिकट बुक कर सकते हैं. साथ ही एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को 120 दिन से घटाकर केवल 60 दिन रख दिया गया है. यानि आधे की कटौती. इससे लोगों द्वारा बुकिंग में रफ्तार होगी, साथ ही टिकट को रद्द भी कम किया जाएगा. खासकर त्योहारी मौसम के दौरान लोगों को बहुत पहले से टिकट रिजर्व करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जब टिकट रद्द भी कम होंगी तो रेलवे का नुकसान भी घटेगा.

यात्री रहेंगे सुरक्षित
जिस प्रकार कई बार देखा गया है लोग कैसे रेलवे में जबरन घुसकर और लटक कर यात्रा करते हैं. तो बता दें कि रेलवे ने सामान्य कैटेगरी में गैर-एसी डिब्बों को बढ़ा दिया है. अब यह डिब्बे 70 फीसदी हो गए है. साथ ही अगले पांच सालों में 17 हजार नए गैर-एसी डिब्बों के निर्माण का काम भी होगा. एसी डिब्बों में इतना इजापा न होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि आम जनता गैर-एसी डिब्बे को ज्यादा प्राथमिकता देती है, क्योंकि वह ज्यादा किफायती होता है.