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Jamnagar Unique Ganesh Gallery: एक ही छत के नीचे गणपति के 3000 से अधिक स्वरूप! जामनगर के दिलीपभाई ध्रुव के अनोखे संग्रह को देखकर दंग रह जाएंगे आप

गुजरात के जामनगर निवासी दिलीपभाई ध्रुव ने पिछले 40 सालों में भगवान गणेश की 800 से अधिक प्रतिमाओं और 3,000 से ज्यादा वस्तुओं का विशाल संग्रह तैयार किया है. उनके घर में बनी यह गैलरी बप्पा की अद्भुत भक्ति का केंद्र बनकर उभर रही है.

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Unique Ganesh Gallery Unique Ganesh Gallery

देशभर में इन दिनों गणेश महोत्सव की भक्तिमय धूम देखने को मिल रही है. इसी बीच गुजरात के जामनगर में एक अनोखी गणेश गैलरी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इस गैलरी में गणेशजी के एक-दो नहीं, बल्कि अलग-अलग आकार, रंग, रूप और स्वरूप की हजारों प्रतिमाओं के एक साथ दर्शन किए जा सकते हैं. जामनगर के गणेश भक्त दिलीपभाई ध्रुव ने पिछले 40 वर्षों से गणेशजी की विभिन्न प्रतिमाओं, तस्वीरों, पेंटिंग्स और उनसे जुड़ी अन्य वस्तुओं का संग्रह किया है. गणेशजी के प्रति भक्ति और उनके अलग-अलग स्वरूपों को जानने की जिज्ञासा से शुरू हुआ यह संग्रह आज 3 हजार से अधिक वस्तुओं वाली विशाल गणेश गैलरी का रूप ले चुका है.

पूरे साल एक जगह दिखते हैं गणेशजी के कई स्वरूप
खास बात यह है कि आमतौर पर गणेशोत्सव के दौरान अलग-अलग पंडालों में गणेशजी के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होते हैं, लेकिन दिलीपभाई की इस गैलरी में पूरे साल एक ही जगह पर गणेशजी के अनेक स्वरूपों के दर्शन किए जा सकते हैं. दिलीपभाई ध्रुव को वर्षों पहले गणेशजी के अलग-अलग आकार और स्वरूपों के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई. इसके बाद उन्होंने गणेशजी के विभिन्न रूपों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया और धीरे-धीरे गणेशजी के प्रति उनकी भक्ति के साथ अलग-अलग स्वरूपों की प्रतिमाओं का संग्रह भी शुरू हो गया.

3 हजार से ज्यादा वस्तुओं का संग्रह
पिछले 40 वर्षों के दौरान दिलीपभाई को गणेशजी से जुड़ी जो भी अनोखी वस्तु दिखाई दी, उन्होंने उसे अपने संग्रह में सुरक्षित रखा. आज उनके पास गणेशजी से जुड़ी 3 हजार से अधिक वस्तुओं का विशाल संग्रह है, जिसमें 800 से अधिक प्रतिमाएं शामिल हैं. इस अनोखे संग्रह में मिट्टी, थर्माकोल, कागज, लकड़ी, प्लास्टिक, कांच, पीतल और विभिन्न धातुओं से बनी गणेशजी की प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं. यहां एक इंच से लेकर ढाई फीट तक के अलग-अलग आकार के गणेशजी मौजूद हैं.

घर का कोना-कोना गणेशजी के नाम
सिर्फ प्रतिमाएं ही नहीं, बल्कि फोटो फ्रेम, पेंटिंग, की-स्टैंड, किचन में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं, बॉलपेन, घड़ी सहित गणेशजी की छवि वाली कई तरह की वस्तुओं को भी इस गैलरी में स्थान दिया गया है. दिलीपभाई के घर का दरवाजा, दीवारें और कमरों के विभिन्न हिस्से भी गणेशजी के अलग-अलग स्वरूपों से सजे हुए हैं.

अलग-अलग रूपों में नजर आते हैं बप्पा
आमतौर पर गणेशोत्सव के दौरान एक पंडाल में गणेशजी के एक ही स्वरूप के दर्शन होते हैं, लेकिन दिलीपभाई की इस गणेश गैलरी में गणेशजी के अनेक स्वरूप एक साथ देखने को मिलते हैं. अलग-अलग आकार, रंग, रूप, वेशभूषा और विभिन्न सामग्रियों से बनी गणेश प्रतिमाएं यहां आकर्षण का केंद्र हैं. इस अनोखे संग्रह को देखने के लिए लोग भी समय-समय पर दिलीपभाई की गणेश गैलरी में पहुंचते हैं. गणेशजी के इतने विशाल और विविध संग्रह को देखकर लोग आश्चर्यचकित होने के साथ-साथ इसकी जमकर प्रशंसा भी करते हैं. खास तौर पर बच्चों और गणेश भक्तों के लिए यह गैलरी आकर्षण का विशेष केंद्र बनी हुई है. 40 वर्षों से एकत्र की गई गणेशजी की यह अमूल्य धरोहर महज एक संग्रह नहीं है, बल्कि दिलीपभाई ध्रुव की गणेशजी के प्रति अटूट भक्ति, आस्था और समर्पण की अनोखी कहानी भी बयां करती है.
 

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