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केजरीवाल का भाजपा पर सख्त वार, कहा- 'जनता इनके कुकर्मों को याद रखे...', अब गांव-गांव बनेगी डिफेंस कमेटी!

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने मोगा के किल्ली चहलां गांव में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ को लेकर आयोजित विलेज डिफेंस कमेटी के शपथ समारोह में नशा तस्करों को जनता की ताकत दिखाई. समारोह स्थल पर जमा हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को नशे के अंदर डूबो दिया था.

 गांव-गांव बनेगी डिफेंस कमेटी गांव-गांव बनेगी डिफेंस कमेटी

पंजाब में नशे के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम को तेज करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने मोगा जिले के किल्ली चहलां गांव में आयोजित ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ कार्यक्रम में बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के शपथ समारोह में हजारों लोगों की मौजूदगी में नशा मुक्त पंजाब बनाने का संकल्प दोहराया गया. मुख्यमंत्री भगवंत मान खराब तबीयत के बावजूद समारोह में पहुंचे और लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट रहने की शपथ दिलाई.

पिछली सरकारों पर तीखा हमला
सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले वर्षों में अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की सरकारों के दौरान पंजाब नशे की दलदल में फंस गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों के शासन में बड़ी-बड़ी बातें हुईं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. केजरीवाल ने कहा कि जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है और उन्हें पकड़कर जेल भेजा जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पिछली सरकारों के कार्यकाल को याद रखें और ऐसी पार्टियों को दोबारा मौका न दें, नहीं तो पंजाब फिर से नशे में डूब सकता है.

एक साल में बड़ी कार्रवाई, हजारों किलो नशा जब्त
केजरीवाल ने बताया कि एक साल पहले 1 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की शुरुआत की गई थी. शुरुआत में लोगों को भरोसा कम था और डर ज्यादा था. उन्हें आशंका थी कि अगर वे नशा तस्करों की जानकारी देंगे तो उनके परिवार को नुकसान पहुंचाया जा सकता है. लेकिन पिछले एक साल में सरकार की कार्रवाई से लोगों का भरोसा बढ़ा है. उन्होंने कहा कि अब तक 2,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं. कई बड़े तस्करों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया है और उनके बैंक खाते जब्त किए गए हैं. इससे यह संदेश गया है कि सरकार किसी भी स्तर पर नशा कारोबार को बर्दाश्त नहीं करेगी.

हर गांव में बनेगी विलेज डिफेंस कमेटी
उन्होंने कहा कि अब पूरे पंजाब के हर गांव और हर वार्ड में विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई जा रही हैं. इन कमेटियों में गांव के सम्मानित लोग, रिटायर्ड शिक्षक, रिटायर्ड सेना अधिकारी, युवा और सरपंच को शामिल किया जा रहा है. इनका पहला काम अपने क्षेत्र में नशा बेचने और खरीदने वालों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाना है. लोगों की पहचान गुप्त रखने के लिए सरकार ने एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया है, जो हर बीडीसी सदस्य के फोन में उपलब्ध है. इस ऐप के जरिए दी गई सूचना सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती है और तुरंत कार्रवाई की जाती है.

युवाओं को खेल और रोजगार से जोड़ेगी सरकार
केजरीवाल ने भरोसा दिलाया कि यदि कोई पुलिस अधिकारी ईमानदारी से काम करेगा तो उसे सम्मान और इनाम मिलेगा, लेकिन अगर कोई पुलिसकर्मी नशा तस्करों से मिला हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि डीडीसी को केवल 10 सदस्यों तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि धीरे-धीरे पूरे गांव को इसमें शामिल करना है, ताकि सामूहिक ताकत से नशे के कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सके.

स्कूलों और परिवारों पर रहेगा विशेष फोकस
उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए गांव-गांव में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं. इन मैदानों में क्रिकेट, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसी खेल सुविधाएं दी जाएंगी. सरकार खेल सामग्री भी उपलब्ध कराएगी, ताकि नशे से बाहर आए युवा दोबारा गलत रास्ते पर न जाएं. इसके साथ ही राज्य सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी काम कर रही है. केजरीवाल ने दावा किया कि अब तक 60 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और सिफारिश के दी जा चुकी हैं.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में धकेल दिया था, जिससे अनगिनत परिवार बर्बाद हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नशे का कारोबार राजनीतिक संरक्षण में चलता था और प्रशासनिक स्तर पर भी लापरवाही बरती जाती थी. लेकिन अब उनकी सरकार ने सबसे पहले नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया, वहां दवाइयों और काउंसलरों की नियुक्ति की, ताकि नशे के शिकार युवाओं का इलाज हो सके. इसके बाद सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस किया गया और बड़े तस्करों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की गई.

'रंगला पंजाब' बनाने का लक्ष्य
भगवंत मान ने कहा कि सरकार की 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज वाली मुख्यमंत्री सेहत योजना से आम लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि विरोधी दल इस योजना में भी कमियां निकाल रहे हैं, जबकि इसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि नशे के खिलाफ दूसरे चरण में अब स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. शिक्षकों और काउंसलरों के माध्यम से माता-पिता को जागरूक किया जाएगा, ताकि बच्चों की संगत और गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और नई पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब महान खिलाड़ियों की धरती रहा है, लेकिन पिछली सरकारों के कारण यह नशे के लिए बदनाम हो गया था. अब सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' और 'नशा मुक्त पंजाब' बनाया जाए. कार्यक्रम के अंत में दोनों नेताओं ने लोगों से एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने की अपील की.

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